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Ludhiana: इमीग्रेशन एजेंट से परेशान दंपती पानी की टंकी पर चढ़ा, लाखों रुपये लेकर भी नहीं भेजा था विदेश

Mon, 12 Aug 2024 01:47 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

मॉडल टाऊन ईश्मीत सिंह चौक के पास इमीग्रेशन एजेंट का दफ्तर है जो लोगों को विदेश भेजने के नाम पर पैसे लेते हैं। आरोपी ने संगरूर के एक परिवार से पैसे लिए थे। लेकिन अब उन्हें न तो विदेश भेज रहा और न ही पैसे वापिस दे रहा था। 
 
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पुलिस से बात करते लोग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लुधियाना के मॉडल टाऊन स्थित ईश्मीत सिंह चौक के पास उस समय अफरा तफरी मच गई, जब संगरुर धूरी के गांव शेरपुर खुड्डियां का रहने वाला एक दंपती टंकी पर चढ़ गया। 
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दंपती ने आरोप लगाया कि इमीग्रेशन एजेंट ग्लोबल वे इमीग्रेशन सर्विस वालों ने लाखों रुपये की ठगी की है। अब न तो विदेश भेज रहे है और न ही पैसे दे रहे हैं। दंपती के टंकी पर चढ़ कूदने की धमकियां मिलने के बाद एसीपी जतिन बंसल और थाना माडल टाऊन की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दंपती को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि उनके पैसे या तो वापिस दिलवाए जाए या उन्हें विदेश भेजने का काम पूरा किया जाए। नहीं तो वह नीचे नहीं आएंगे। पुलिस परिवार से लगातार बातचीत करने में जुटा है।

संगरुर धूरी के गांव शेरपुर खुड्डियां के रहने वाले गुरमेल सिंह ने बताया कि उनका बेटा हरदीप सिंह टैक्सी ड्राइवर है और उनकी बहू अमनदीप कौर घरेलू औरत है। वह विदेश जाना चाहते थे ताकि कुछ पैसे कमा कमा सके। गुरमेल सिंह ने आरोप लगाया कि ग्लोबल वे इमीग्रेशन सर्विस वालों से संपर्क हुआ तो उन्होंने जनवरी 2024 में आश्वासन दिया कि दोनों को यूके भेजा जाएगा और साथ ही साथ वीजा लगने के बाद ही पूरे पैसे लिए जाएंगे। 
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26 लाख रुपये में उनका सौदा तय हो गया कि वीजा आने के बाद 26 लाख रुपये उन्हें देने है। गुरमेल सिंह ने आरोप लगाया कि अगले महीने ही उन्होंने पैसे मांगने शुरू कर दिए। उन्हें तरह तरह के बहाने बनाए गए। उन्होंने बैंक से लोन करवाया और दस लाख रुपये इमीग्रेशन सर्विस वालों को दे दिए ताकि फाइल पर किसी तरह की कोई आब्जेक्शन न लगे। मगर उसके बाद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने पैसे वापस मांगे तो पैसे नहीं दिए गए और न ही फाइल दी गई। 





गुरमेल सिंह ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की तो उन्होंने उसे धूरी ट्रांसफर कर दिया। धूरी पुलिस लगातार इमीग्रेशन दफ्तर चलाने वाले मालिकों को फोन कर रहे है, लेकिन कोई धूरी नहीं पहुंचता। जिस कारण उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। सोमवार को हरदीप और अमनदीप गुरमेल सिंह के साथ लुधियाना पहुंचे। इमीग्रेशन दफ्तर के बाहर खड़े बाऊंसरों ने बदसलूकी की। जब उन्होंने अपने पैसे वापिस मांगे तो उन्हें धमकियां दी गई। जिसके बाद अमनदीप और हरदीप दोनों टंकी पर चढ़ गए। गुरमेल सिंह ने बताया कि अगर इमीग्रेशन वालों ने कोई पैसे वापस नहीं दिए तो वह दफ्तर के बाहर ही खुद को आग लगाकर आत्महत्या करेंगे।
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महानगर के रहने वाले बलजिंदर मनी ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम से फाइल ग्लोबल इमीग्रेशन सर्विस वालों से लगवाई थी। दिसंबर 2023 में फाइल लगाई गई और उस समय उन्हें कहा था कि पैसे नहीं लगेंगे। लेकिन दो महीने बाद उनसे पैसे मांगने शुरु कर दिए गए और उनकी फाइल पर आब्जेक्शन लगवाने की धमकियां दी। जिसके बाद उन्होंने दस लाख रुपये दे दिए। उसके कुछ समय बाद कहा गया कि चौबीस लाख रुपये के बजाय अब उनके 32 लाख रुपये लगेंगे। बलजिंदर ने आरोप लगाया कि इसी बात को लेकर दफ्तर संचालकों के साथ उनकी कहासुनी हुई थी। जिसके बाद उसने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए थे, लेकिन काफी समय से उन्हें पैसे नहीं दिए जा रहे। बलजिंदर ने कहा कि उनके जैसे कई लोग है जिनके साथ ठगी हो चुकी है। अब आवाज उठाई गई है तो कार्रवाई भी जरूर करवाई जाएगी।
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