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अमृत महोत्सव: मालेरकोटला में मुस्लिम महिला और पुरुष बना रहे लाखों तिरंगे, जूते-चप्पल उतार शुरू करते हैं काम

Wed, 10 Aug 2022 04:47 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संगरूर (पंजाब)

सार

मालेरकोटला बस स्टैंड के पीछे स्थित चौधरी आर्मी स्टोर के मोहम्मद रमजान चौधरी के मुताबिक शहर में लाखों की संख्या में राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जा रहे हैं। आर्डर इतना अधिक है कि डिमांड पूरी नहीं हो पा रही।
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मालेरकोटला में राष्ट्रीय ध्वज तैयार करते व्यक्ति। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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देश की तीनों सेनाओं की वर्दी तैयार करने के लिए विख्यात पंजाब का मालेरकोटला फिर चर्चा में है। केंद्र सरकार की हर घर तिरंगा मुहिम के तहत मालेरकोटला के लोगों को तिरंगा बनाने का बड़ा आर्डर मिला है। आर्डर भी हजारों में नहीं बल्कि लाखों तिरंगे तैयार करने का है। तिरंगा तैयार करने में जहां पुरुष कारीगर दिन रात लगे हैं, वहीं मुस्लिम महिलाएं भी बड़े अदब से तिरंगा तैयार करने में गर्व महसूस कर रही हैं।

 

तिरंगा बनाते समय वे जूते-चप्पल बाहर उतारकर बैठते हैं। उनका कहना है कि अपने हाथों देश का तिरंगा बनाने में उन्हें अधिक खुशी मिल रही है। करीब एक माह से वे इस काम में लगे हैं, ताकि देश का कोई भी घर तिरंगे से वंचित न रहे। मालेरकोटला में तैयार हो रहा तिरंगे चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात सहित अन्य कई राज्यों में फहराए जाएंगे।

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उल्लेखनीय है कि मालेरकोटला सेनाओं की वर्दियां तैयार करने के अलावा बैज (नेम प्लेट) बनाने के लिए जाना जाता है। यहां बैज बनाने की हजारों दुकानें हैं और बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं और पुरुष इस काम से जुड़कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।

 

तिरंगा बनाने में जुटी मुस्लिम महिला महक व सानिया और मोहम्मद अख्तर ने बताया कि वह तिरंगा बनाने में खुद पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्हें एक तिरंगा तैयार करने के लिए 40 रुपये मिलते हैं और पूरे दिन में वह करीब 120 तिरंगे तैयार करते हैं। बेशक इस काम से उन्हें अच्छी आय हो रही है लेकिन इससे अधिक खुशी की बात यह है कि उन्हें मौका मिला कि वह अपने देश का तिरंगा अपने हाथों से बना रहे हैं।


तिरंगा बनाने से पहले वह अपने जूते- चप्पल उतार देते हैं और हाथों को अच्छी तरह साफ करते हैं। इसके बाद अपने काम में जुटती हैं, ताकि राष्ट्रीय झंडे का सम्मान बरकरार रहे। उन्होंने कहा कि जब ये तिरंगे देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग घरों पर फहराते हुए सेटेलाइट से देखे जाएंगे तो इसका नजारा ही कुछ अलग होगा और इसका वह बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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मालेरकोटला बस स्टैंड के पीछे स्थित चौधरी आर्मी स्टोर के मोहम्मद रमजान चौधरी के मुताबिक शहर में लाखों की संख्या में राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जा रहे हैं। आर्डर इतना अधिक है कि डिमांड पूरी नहीं हो पा रही।
 

                                                   मालेरकोटला में राष्ट्रीय ध्वज बनाने में जुटीं मुस्लिम महिलाएं।

कई दुकानदारों ने अब आर्डर लेने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास प्रशंसनीय है लेकिन करीब पांच से छह माह पहले बताना चाहिए था, ताकि ऐन वक्त पर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मालेरकोटला शहर में लाखों राष्ट्रीय ध्वज बनाने के काम से जहां लोगों को अच्छा रोजगार मिला है, वहीं मालेरकोटला का नाम भी पूरे देश में चमकेगा।

 

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