लुधियाना में सिक्योरिटी सर्विस कंपनी में कार्यरत महिला एचआर और दो फील्ड अधिकारियों ने वेतन के लिए खाते (सैलरी अकाउंट) खोलने के नाम पर गोलमाल कर दिया। परिवार के सदस्यों के नाम पर सैलरी अकाउंट खुलवाकर हर महीने कंपनी से मिले वेतन को उसमें डाला गया और छह साल में कंपनी को करीब 72 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया।
जब मामला पुलिस के पास आया तो थाना डिवीजन छह की पुलिस ने जांच की और आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने ढोलेवाल स्थित संधू टावर में इंडियन सिक्योरिटी सर्विस के मालिक जुगराज सिंह संधू की शिकायत पर सिक्योरिटी सर्विस की एचआर तजिंदर कौर, कंपनी के फील्ड अफसर जसवीर सिंह, पत्नी गुरप्रीत कौर, पिता प्रीतम सिंह, माता नरिंदर कौर, साला रणजीत सिंह, फील्ड अफसर राजविंदर सिंह, पत्नी कुलवीर कौर, बेटा हरदविंदर सिंह और पिता स्वर्ण सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया।
जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सुलखन सिंह ने बताया कि जुगराज सिंह संधू द्वारा अक्तूबर 2020 में पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दी गई थी। इसमें बताया गया था कि उनकी कंपनी हर महीने अपने सिक्योरिटी गार्डों को वेतन जारी करती है। सभी गार्डों के बैंक खाते खुलवाकर उनके खाते में वेतन डालने का काम कंपनी की एचआर और दो फील्ड अफसर करते थे। तीनों ने कंपनी की जाली मोहरें बनाकर अपने पारिवारिक सदस्यों के करीब 10 बैंक खाते खुलवा लिए। कंपनी के रजिस्टर से छेड़छाड़ कर हर महीने उनके खातों में वेतन ट्रांसफर करते रहे। तीनों वर्ष 2014 से यह फर्जीवाड़ा कर रहे थे। करीब ढाई साल पहले तजिंदर कौर ने नौकरी छोड़ दी थी। जसवीर सिंह डेढ़ साल पहले काम छोड़ कर जा चुका है। राजविदर सिंह भी आठ माह पहले जा चुका है। अगस्त 2020 में हुए कंपनी के ऑडिट में यह फर्जीवाड़ा उनके सामने आया। इसके बाद पुलिस को इसकी शिकायत दी गई, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।