लुधियाना को स्मार्ट सिटी बनाने की तरफ प्रशासन ने अगला कदम बढ़ा दिया है। मंगलवार को सर्किट हाउस से सिंचाई मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों ने महिलाओं के लिए विशेष ई रिक्शा की पहली खेप को हरी झंडी देकर रवाना किया।
इन ई रिक्शा में महिलाएं ही ड्राइवर होंगी और महिलाएं ही इनमें सफर कर पाएंगी। हीरो इलेक्ट्रिकल, एवन इलेक्ट्रिकल, फिक्की और स्वयं सेवी संगठन साहस व अन्य संगठनों ने यह शुरुआत की है। सभी ई रिक्शा जिला ट्रांसपोर्ट विभाग में रजिस्टर किए गए हैं।
इस अवसर पर सिंचाई मंत्री ने कहा कि इस प्रयास से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। उनमें सुरक्षा की भावना आएगी और साथ ही प्रदूषण की समस्या से भी निपटा जा सकेगा। पायलट प्रोजेक्ट की कामयाबी के बाद इनका विस्तार किया जाएगा। शुरुआत में ई रिक्शा गर्ल्स कॉलेजों के आसपास के रूट पर ही चलाए जाएंगे।
इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों के साथ भी तालमेल किया जा रहा है। इस अवसर पर डीसी रवि भगत, एडीसी अपनीत रियात, शिअद के जिला प्रधान मदन लाल बग्गा, परमजीत सिंह, बीएस धीमान, सुनील शर्मा और संगीता भंडारी समेत कई लोग मौजूद रहे।
सात घंटे की चार्जिंग से अस्सी किलोमीटर कवर
ई रिक्शा को सात घंटे तक चार्ज करने के बाद इसे अस्सी किलोमीटर तक दौड़ाया जा सकता है। इसके जरिए कोई प्रदूषण नहीं होता।
ई-रिक्शा ने बदल दी सोच
हैबोवाल निवासी 54 वर्षीय शशि का कहना है कि ई रिक्शा ने उनकी सोच ही बदल दी है। आज तक वह घर पर ही रही। साइकिल तक चलाना नहीं आता था। एक दिन ई रिक्शा चलाकर पैसे कमाने का ऑफर मिला। पति और बेटे ने हौसला बंधाया तो ट्रेनिंग ली। अब ई रिक्शा चलाना अच्छा लगता है। अब इसके लिए वे दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं। शशि का मानना है कि शहर से प्रदूषण कम करने में उनका भी छोटा सा योगदान होगा।