गांव और खेत मजदूर जत्थेबंदियों के तीन दिवसीय धरने के दूसरे दिन मिनी सचिवालय के बाहर जिले के खेत मजदूरों ने बड़ी गिनती में धरना दिया। यह रोष धरना पंजाब सरकार को अपने किए वादे याद करवाने और बकाया मांगों के संबंध में लगाया गया।
इस दौरान पंजाब खेत मजदूर सभा के जनरल सेक्रेटरी गुलजार सिंह गोगिया ने कहा कि पंजाब सरकार इन मजदूरों की मुश्किलों को अनदेखा न करें। इनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए अधिक बजट रखें, इनके हक में बने कानून मनरेगा में सारा साल काम तथा 500 रुपये दिहाड़ी तय करें। काम न देने की हाल में बेकारी भत्ता दिया जाए, गांव के मजदूरों के लिए रोजगार के विशेष प्रबंध करे, बेघर लोगों के लिए प्लाट देने के लिए पंचायत से मत्ता दिलाएं, मकान बनाने के लिए तीन-तीन लाख रुपये की ग्रांट दी जाए, आटा दाल स्कीम अधीन रहते नीले कार्ड तुरंत बनाए जाए, बुढ़ापा और विधवा पेंशन केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर तीन हजार रुपये देने की गारंटी दी जाए।
कुल हिंद खेत मजदूर यूनियन के नेता अमरजीत मट्टू ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण खुदकुशी करने वाले परिवार को पांच पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए। इस मौके पर बलबीर सिंह, कुलवंत सिंह, केवल सिंह, हरदम सिंह, भजन सिंह, करनैल सिंह, जसवंत सिंह, हाकम सिंह और महिंदर सिंह मौजूद रहे।