पंजाब में पिछले चार दिन से जारी बरसात के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बरसात से आलू और सब्जी की खेती कर रहे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जहां खेत निचली जमीन में है, वहां पर फसल पूरी तरह से पानी में समा चुकी है। जेसीबी मशीनों को बुलाकर किसान किसी तरह खेतों से पानी निकालने का प्रयास कर रहे है।
जगरांव से किसान हरविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने आठ एकड़ में आलू की फसल लगाई थी। बरसात के चलते पूरी फसल पानी में समा चुकी है। उनकी यह फसल लगभग पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। खेतों से पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं है, इसलिए उन्होंने अब जेसीबी मशीन को मंगवाया है जिसे एक हजार रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पैसा देना पड़ेगा। मशीन से खेत के आसपास गहरे गड्ढे खोदे जाएंगे ताकि पानी इन गड्ढों में चला जाए। शायद उनकी कुछ फसल बच सके। लेकिन उन्हें इसकी उम्मीद बहुत कम दिखाई दे रही है।
मूलरूप से बिहार के जिला किशनगंज निवासी फरीद आलम ने बताया कि उन्होंने जगरांव में लगभग दो एकड़ जमीन में सब्जी की फसल की बिजाई की थी। वह किसान को प्रति एकड़ 70 हजार रुपये ठेका दे चुके हैं। बरसात के चलते उनकी पूरी फसल पानी में समा चुकी है। कोई उम्मीद नहीं है कि अब खेत से कुछ सब्जी निकलेगी। इस हालत में उनकी मदद करने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है।
गांव सुधार निवासी किसान जगतार सिंह ने बताया कि उन्होंने कंपनी से साथ इकरार कर आलू की फसल की बिजाई की है, नवंबर माह के दौरान इसकी बिजाई की थी। अब फसल निकालने का समय आ चुका है लेकिन बरसात के चलते 25 फीसदी फसल को नुकसान हो चुका है। गेहूं की फसल को तो इस बरसात से कोई नुकसान नहीं है।
गिल फार्म हाउस के मालिक चरणजीत सिंह ने बताया कि ज्यादा बरसात गके कारण आलू या तो दागी हो जाएंगे या फिर फट जाएंगे। गेहूं की फसल के लिए यह बरसात फायदेमंद है। क्योंकि इस समय गेहूं की फसल को बारिश और ठंड की सबसे ज्यादा जरूरत है।