लुधियाना कोर्ट कांप्लेक्स में ब्लास्ट के पांच दिन बाद भी घटनास्थल से मलबा नहीं हटवाया गया है। हां, मलबे को एक से दूसरी जगह जरूर रख दिया गया है, क्योंकि एनआईए की टीम के आदेश पर ऐसा किया गया। अभी घटनास्थल पर मलबा वैसे ही पड़ा है और दीवारें टूटी पड़ी हैं। किसी को भी वहां आने-जाने की इजाजत नहीं है। दूसरी मंजिल का वह एरिया पूरी तरह से सील है। एनआईए की टीम अभी भी घटनास्थल पर जांच करने के लिए आ रही है।
सूत्रों के अनुसार एनआईए की टीम कई बार जांच कर चुकी है और मलबा भी खंगाल चुकी है। जांच में कई सुराग भी मिले हैं। इसके अलावा पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया है ताकि कोई भी वहां आ जा न सके। सिर्फ वकीलों को ही जाने की इजाजत है उनके भी पहचान पत्र देख कर आगे जाने की इजाजत दी जा रही है। जिस दिन ब्लास्ट हुआ था उसी दिन काफी समय तक शव भी नहीं उठवाया गया था।
चंडीगढ़ और दिल्ली से एनआईए की टीम पहुंची तो शव उठवाया गया। उसके बाद जांच एजेंसियों ने मलबे से काफी कुछ सुराग खंगाल लिए थे। जब मृतक की पहचान हुई तो उसके बाद दिल्ली की टीमें खन्ना की तरफ जांच के लिए पहुंच गई। मगर चंडीगढ़ की टीमें लुधियाना में ही डटी रहीं।
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू के दौरे के बाद जब मलबा हटाना चाहा तो जांच एजेंसियों ने रोक दिया। पांच दिन से मलबा हटाने नहीं दिया जा रहा। उधर, प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए कुख्यात तस्कर रंजीत सिंह चीता और सुखविंदर सिंह बाबा उर्फ बॉक्सर से लगातार टीमें पूछताछ करने में जुटी हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस को पूछताछ में कई सुराग मिले हैं।