किसानों की ओर से डीसी कार्यालय के पास प्रदेश सरकार के खिलाफ लगाए गए धरने के दौरान शुक्रवार को एक खेत मजदूर की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। उसकी पहचान रल्ला सिंह (75) निवासी गांव दोदरा जिला मानसा के तौर पर हुई है।
खेत मजदूर की मौत होने की वजह गर्मी और अचानक हार्ट अटैक आना माना जा रहा है। इसके बाद किसान नेताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक वह मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस बात का पता चलने पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। धरनास्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।
भारतीय किसान यूनियन के नेता शिंगारा सिंह मान ने बताया कि किसानों की ओर से मांगों को लेकर 24 मई से सरकार के खिलाफ लगातार पक्का धरना लगाया जा रहा है। इसमें रल्ला सिंह खेत मजदूर भी शामिल था। उन्होंने बताया कि वीरवार रात को खेत मजदूर ठीक था, शुक्रवार सुबह देखा तो वह धरनास्थल पर मृत पड़ा था। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि खेत मजदूर की मौत गर्मी या अटैक से हुई हो।
किसान नेता ने कहा कि मृतक के शव को सिविल अस्पताल में पहुंचा दिया है। उन्होंने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की है। डिप्टी कमिश्नर ने किसान नेताओं को बुलाकर उनसे एक घंटे तक बातचीत भी की।
इस दौरान डीसी डॉ. बसंत गर्ग ने किसानों को आश्वासन दिया है कि वे इस बारे में प्रदेश सरकार से बातचीत कर जल्द मामलेे को हल करेंगे। इससे पहले सितंबर 2015 में किसानों की ओर से मांगों के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना लगाया गया था, जिसमें दो किसानों की मौत हो गई थी। उनकी पहचान कुलदीप सिंह निवासी गांव चुघेकलां और मंदर सिंह निवासी किलियांवाली जिला बठिंडा के तौर पर हुई थी।