श्री हरमंदिर साहिब में बेअदबी की कोशिश का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि अब लुधियाना में पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर धार्मिक ग्रंथों के पन्ने बिखरे मिले हैं। श्रीमद् भागवत गीता व अन्य ग्रंथों के पन्ने पेड़ के पास गिरे मिले। जब इस बात की सूचना हिंदू नेताओं को मिली तो वह मौके पर पहुंचे। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां पुलिस शहर के धार्मिक स्थानों के बाहर फोर्स लगा रही है, वहीं पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर ऐसी घटना से लोग हैरान हैं।
पुलिस के उच्चाधिकारियों के साथ पुलिस फोर्स कुछ ही कदमों पर दूर डीसी दफ्तर के बाहर खड़ी थी। सूचना मिलते ही एसीपी हरीश बहल वहां पहुंचे। हिंदू नेताओं की तरफ से रोष व्यक्त किया गया, उससे पहले एसीपी ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया और जल्द आरोपियों का पता लगाने की बात कही। जिसके बाद शिवसेना के नेता वहां से चले गए।
एसीपी सिविल लाइन हरीश बहल ने बताया कि अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि जो ग्रंथ मिले है वह काफी पुराने हैं। ग्रंथों को कोई व्यक्ति पीपल के सामने रख गया, जो उसे देवता मनाता है लेकिन जिसने भी ऐेसा किया है वह गलत है। बाकी सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं। उचित कार्रवाई जरूर की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर मार्केट के बीच पीपल का पेड़ है। जहां श्रीमद् भागवत गीता और विभिन्न ग्रंथ और देवी-देवताओं की फोटो बिखरी पड़ी हैं। इस बात की सूचना हिंदू संगठनों को मिली तो शिवसेना पंजाब के चेयरमैन राजीव टंडन अपने साथियों समेत वहां पहुंचे। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी।
पुलिस अधिकारियों से बात करने के बाद वहां से धार्मिक ग्रंथ श्रद्धापूर्वक उठाए गए और उन्हें ले जाया गया। राजीव टंडन ने बताया कि एक तरफ पंजाब में हाई अलर्ट है लेकिन मंदिरों को छोड़ बाकी जगहों पर पुलिस तैनात कर दी गई। उसके बावजूद पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर इतनी बड़ी घटना हो गई और किसी को कुछ पता तक नहीं चला। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के साथ पंजाब में पहले ही सौतेला व्यवहार हो रहा है। पुलिस को शिकायत दी जाएगी और कार्रवाई भी करवाई जाएगी। बता दें कि सोमवार को ही पंजाब में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।