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लुधियाना में आरएसएस कार्यकर्ताओं पर फायरिंग

Mon, 18 Jan 2016 09:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
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किदवई नगर इलाके में सोमवार सुबह बाइक सवार दो युवकों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में शामिल होने आए कार्यकर्ताओं पर गोलियां चला दी। इस वारदात में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हमले के बाद दोनों युवक मौके से फरार हो गए। दोनों आरोपी बिना नंबर की बाइक पर आए थे। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को तुरंत फोन किया, लेकिन पीसीआर मुलाजिम घटना के बीस मिनट बाद पहुंचे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस शहीदी पार्क में आरएसएस की शाखा लगती है, उससे कुछ ही दूरी पर स्थित सुफिया चौक में पुलिस की नाकाबंदी होती है। वहां पर हर समय पीसीआर मुलाजिम खड़े रहते हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल, डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव, एसीपी सतीश मल्होत्रा पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल से 0.32 बोर का एक खोल बरामद किया है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और गोली चलाकर दहशत फैलाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।

फायरिंग में बाल-बाल बचे आरएसएस के कार्यकर्ता नरेश कुमार ने कहा कि शहीदी पार्क में रोजाना सुबह साढ़े छह बजे से लेकर साढ़े सात बजे तक शाखा लगती है। वह सुबह अपने साथी धर्मेंद्र, अशोक और आदर्श के साथ वहां पहुंचे। इसी दौरान अशोक और आदर्श ध्वज लेने के लिए चले गए। जब नरेश पार्क में दाखिल होने लगे तो बाहर बिना नंबर की बाइक के पास एक युवक खड़ा था। नरेश ने उससे पूछा कि वह यहां क्यों खड़ा है। उस युवक ने जवाब दिया कि वह किसी का इंतजार कर रहा है। वहीं लोई ओढे़ एक युवक पार्क के अंदर खड़ा था। उसने नरेश से कहा कि वह यहीं के रहने वाले है। इतने में उसने लोई के अंदर से ही पिस्तौल निकालकर फायर कर दिया। नरेश ने एक दम से नीचे होकर अपनी जान बचाई। गोलियां नरेश के पास से गुजर गई। जब तक नरेश समझ पाता तब तक लोई ओढ़े युवक पार्क से कूदकर बाहर की तरफ आया और बाहर खड़े युवक के साथ बाइक पर फरार हो गया। नरेश के साथी धर्मेंद्र ने उनका पीछा किया, लेकिन युवक गलियों से होते हुए भाग गए।
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पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल ने कहा कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे के जरिए युवकों का पता लगाने में जुटी हुई है। जल्द ही मामला हल कर लिया जाएगा।

1991 में भी आरएसएस शाखा पर हुआ था आतंकी हमला
लुधियाना। सोमवार सुबह किदवई नगर इलाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं पर हुई फायरिंग ने मई 1991 की याद ताजा कर दी। 19 मई 1991 में आतंकवादियों ने आरएसएस के कार्यकर्ताओं पर एके-47 से अंधाधुंध गोलियां दागी थीं। इस हमले में दो कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी, जबकि चार जख्मी हुए थे। इसी हमले के बाद से किदवई नगर पार्क का नाम शहीद पार्क पड़ गया था। सोमवार को भी शहीद पार्क में वैसा ही हादसा हो सकता था, लेकिन कार्यकर्ताओं की सजगता के कारण यह टल गया।

19 मई 1991 को रविवार की सुबह आरएसएस की सभा हो रही थी और कबड्डी चल रही थी। इस मौके पर बाल कार्यकर्ताओं समेत करीब 80 लोग मौजूद थे। इसी दौरान दो स्कूटर पर चार आतंकी आए। इनमें से दो आतंकियों ने एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। कार्यकर्ताओं ने पहले समझा कि पटाखे चल रहे हैं, लेकिन बाद में लोग गिरने लगे। मुख्य शिक्षक ने सभी को जमीन पर लेट जाने को कहा। शोर मचने के बाद आतंकी वहां से फरार हो गए। इस फायरिंग में दो कार्यकर्ता नरेंद्र कुमार और राजकुमार की मौत हो गई थी, जबकि मदन गोपाल, मान सिंह, राजू और सुखदेव सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सोमवार को शहीद पार्क में हुई घटना की खबर सुनने के बाद 1991 के हमले में मारे गए नरेंद्र कुमार के भाई कृष्ण देव और राजकुमार के भाई गणेश और जख्मी हुए मदन गोपाल के भाई बंसी लाल मौके पर पहुंचे।

बंसी लाल ने बताया कि 1991 के हमले के दौरान वे भी पार्क में मौजूद थे और उन्होंने पेड़ के पीछे छिप कर अपनी जान बचाई थी। बंसीलाल अपने जख्मी भाई मदन गोपाल के बजाय ज्यादा जख्मी हुए राजकुमार को सीएमसी लेकर पहुंचे, लेकिन राजकुमार की मौत हो गई। गणेश ने कहा कि 1991 में उन्होंने अपना 18 साल का भाई राजकुमार खोया था। गणेश बोले कि राजकुमार को पांच गोलियां लगी थीं। दिल में लगी गोली उनके लिए जानलेवा साबित हुई।

हमले के बावजूद ध्वज लगाया, प्रार्थना की
शहीद पार्क में गोली चलने की घटना के बावजूद कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ध्वज लगाया गया और प्रार्थना सभा की गई। हमले की खबर सुनकर आरएसएस के प्रांत प्रचारक किशोर कांत समेत आरएसएस के सभी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। प्रांत प्रचारक ने कहा कि कार्यकर्ताओं की सजगता से ही बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि हर हाल में अपना विश्वास कायम रखना है। इस प्रार्थना सभा में जिला भाजपा प्रधान परवीन बंसल, रविंदर अरोड़ा, अमित गोसाईं समेत कई लोग मौजूद रहे।

कार्यकर्ताओं पर हमला हताश लोगों का काम : अरोड़ा
आरएसएस के कार्यकर्ता और भाजपा उद्योग सेल के प्रांत संयोजक रविंदर अरोड़ा का कहना है कि कार्यकर्ताओं पर हमला हताश लोगों का काम है। उनका कहना है कि ऐसी ताकतों का जवाब देने में कार्यकर्ता सक्षम हैं। आज नरेश कुमार की सजगता से ही बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि आरएसएस सुरक्षा मांगने में विश्वास नहीं करता, लेकिन प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रशासन आरोपियों को तलाश कर उनको सजा दिलवाए।

सामने आई हाई अलर्ट का दावा करने वाली लुधियाना पुलिस की नाकामी
लुधियाना। पठानकोट आतंकी हमले के बाद से हाई रेड अलर्ट का दावा करने वाली पुलिस की बड़ी नाकामी सोमवार को सामने आ गई। बिना नंबर के मोटरसाइकिल पर आए आरोपियों ने आरएसएस की शाखा लगने से पहले वर्करों पर गोलियां चलाई और फिर फरार हो गए, लेकिन पुलिस को उनका कोई सुराग नहीं मिला। वारदात की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस बीस मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंची। हमलावर ने तो आरएसएस कार्यकर्ता नरेश पर सीधी गोलियां चलाई थी, लेकिन लोई के कारण उसका निशाना सही नहीं लग पाया। जिस कारण नरेश बाल बाल बच गया। 
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