डीएमसी में दाखिल पिता के इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा से
पैसे लेकर आ रहे वरिंदर शर्मा को लुटेरा गिरोह के सदस्यों ने अपना शिकार
बना डाला।
लुटेरों ने खुद की पहचान पुलिस वाले के रूप में बताई और
लिफाफा छीनकर फरार हो गए। वरिंदर शर्मा ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी।
सूचना मिलने के बाद थाना लाडोवाल की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू
की।
वरिंदर शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसके पिता बीमार है और डीएमसी
में दाखिल हैं। उनका कहना है कि वह अपने दोस्त के साथ हिमाचल से मारुति कार
में सवार होकर आ रहे थे। जब वह नवदीप रिसोर्ट के पास पहुंचे तो उन्होंने
बाइक सवार दो युवकों से डीएमसी अस्पताल का रास्ता पूछा।
उसके बाद वह
चले गए। कुछ दूरी पर बाइक सवार दोनों लुटेरों ने उनकी गाड़ी रोक ली। बाइक
के पीछे एक लुटेरे ने उनसे कहा कि वह पुलिस वाले हैं लिहाजा उन्हें गाड़ी
की चेकिंग करनी है। उन्होंने अपनी गाड़ी साइड पर रोक ली। इसी दौरान लुटेरा
गिरोह के सदस्यों ने गाड़ी की तलाशी लेने के दौरान उनकी गाड़ी में पड़ा एक
लाख रुपये से भरा लिफाफा उठा लिया और फरार हो गए।