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धमाके के बाद खुली अदालतें: जांच के बाद मिल रहा प्रवेश, पहचान पत्र भी दिखाना पड़ेगा, आठ एंट्री प्वाइंट अब भी बंद

Mon, 03 Jan 2022 05:44 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

बार एसोसिएशन के सचिव मंदीप सिद्धू ने कहा कि बार एसोसिएशन की तरफ से सुरक्षा के प्वाइंट बता दिए गए थे। चार एंट्री प्वाइंट रखे गए हैं, अभी तक देखा जाए तो सुरक्षा के लिहाज से ठीक है। मगर अगर बात की जाए कि पहले दिन जैसे सुरक्षा व्यवस्था की गई थी वैसे नहीं हो पाई कि क्योंकि अगर एक एक गाड़ी चेक कर जाने दी जाए तो फिरोजपुर रोड पर ट्रैफिक की दिक्कत काफी आएगी। कोर्ट परिसर में जाने वाले सभी रास्तों पर मुलाजिम तैनात हैं।
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लुधियाना कोर्ट परिसर (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लुधियाना कोर्ट परिसर में बम ब्लास्ट के अगले दिन हुई छुट्टियों के एक सप्ताह बाद सोमवार को दोबारा अदालतें शुरू कर दी गईं। इससे पहले कोर्ट परिसर में बार एसोसिएशन की तरफ से सुखमणि साहिब का पाठ करवाया गया। इस दौरान वाहेगुरु का शुकराना किया गया कि बम ब्लास्ट में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि रविवार को पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने अपनी टीम और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस की तरफ से कुछ टिप्स दिए गए तो कुछ बार एसोसिएशन ने टिप्स दिए कि आगे सुरक्षा कैसे होगी, उस पर प्लानिंग बनाई गई। 

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सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों को अंदर जाने की इजाजत दी गई। हर एक व्यक्ति को पहचान पत्र दिखाकर ही अंदर जाने दिया गया। हालांकि बाहर की सुरक्षा व्यवस्था पहले जैसी ही रही। डीसी दफ्तर में भी चेकिंग के बाद जाने दिया गया और पुलिस कमिश्नर दफ्तर का मेन गेट बंद रखा गया और किसी को कोई जरूरी काम है तो ही उसे अंदर जाने की इजाजत दी गई।

सिर्फ कोर्ट परिसर और दफ्तरों के बाहर ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
ब्लास्ट के अगले दिन की बात की जाए तो पुलिस की तरफ से मेन गेट बंद कर दिया गया और एक-एक कर गाड़ी कोर्ट परिसर की तरफ जाने दी जा रही थी। छोटे रास्ते पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया था, जिनमें से गुजर कर जाना पड़ता था। एक सप्ताह बाद मेन गेट तो खोल दिए गए लेकिन दफ्तरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। डीसी दफ्तर के बाहर भी लोगों को पहचान पत्र दिखाकर जाने दिया जा रहा है और पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर भी सुरक्षा कड़ी थी। इसके अलावा कोर्ट परिसर में जाने के लिए भी कड़ी सुरक्षा में से होकर गुजरना पड़ा था।

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12 एंट्री प्वाइंट में से आठ बंद, दो में से वकील और दो में से जाएंगे आम लोग

बम ब्लास्ट से पहले की बात की जाए तो कोर्ट परिसर में दाखिल होने के लिए 12 एंट्री प्वाइंट थे। ब्लास्ट के बाद वकीलों की तरफ से भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की बात की जा रही थी। आठ प्वाइंटों से लोगों और वकीलों की एंट्री को बंद कर दिया गया है। कोर्ट परिसर में दाखिल होने के लिए अब चार एंट्री प्वाइंट है। एक नंबर गेट के बाहर बैरिकेडिंग कर सिर्फ वकीलों को ही जाने की इजाजत दी जा रही है। 

वहीं से पुलिस मुलाजिमों की एंट्री हो रही है। मगर दोनों के पहचान पत्र देख कर जाने दिया जा रहा है। दो नंबर गेट को बंद कर दिया गया है और पीछे वाले गेट से आम लोगों की एंट्री है। वहां तीन पुलिस मुलाजिम चेकिंग कर रहे है और चौथा पुलिस मुलाजिम पहचान पत्र देखकर अंदर जाने दे रहा है। इसके अलावा महिलाओं की चेकिंग के लिए महिला पुलिस मुलाजिम भी खड़ी है। वकीलों के लिए बनाई गई लिफ्ट का रास्ता खोला गया है, बाकी सभी रास्तों को बंद कर दिया है।
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