भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने धक्कामुक्की भी की। हालांकि घटना के बाद बिट्टू ने शालीनता का परिचय देते हुए कहा कि उनकी पार्टी किसानों के साथ है और हमेशा रहेगी। वह इस आंदोलन में सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम आंदोलन में एकता की बात कर रहे हैं तो इस तरह की घटनाएं, क्या हमारी एकता को दिखाएंगी।
जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, वह आंदोलन के पक्ष में रहेंगे। इसके बाद थोड़ी तल्खी भी दिखाई और कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद देखा जाएगा कि ऐसे लोगों से कैसे निपटना है। केंद्र सरकार तो पहले से कह रही है कि किसान आंदोलन में खालिस्तानी और माओवादी घुस चुके हैं। इस तरह की घटनाएं केंद्र की बात को और बल देंगी। अब हम केंद्र को खालिस्तानी और माओवादी जैसी बातों का जवाब देंगे कैसे, जब हमारे साथ ऐसा हो रहा है।