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सिंघु बॉर्डर पहुंचे कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू का कड़ा विरोध, लौटना पड़ा, बोले- किसानों के साथ हैं और रहेंगे

Sun, 24 Jan 2021 06:12 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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रवनीत सिंह बिट्टू। - फोटो : ANI
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सिंघु बार्डर पर रविवार दोपहर लगभग तीन बजे पहुंचे लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू को कड़ा विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि  भीड़ में शामिल लोगों ने उनसे धक्कामुक्की की। बताया जा रहा है कि इस दौरान सांसद बिट्टू के साथ सुरक्षाकर्मी नहीं थे। उनके साथ सिर्फ सांसद गुरजीत सिंह औजला और विधायक कुलवीर जीरा समेत कुछ समर्थक मौजूद रहे।

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ये सभी किसी तरह सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें वहां से लेकर निकले। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने बिट्टू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद वह दोबारा दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर धरने में शामिल हो गए। 
  सांसद बिट्टू के अनुसार रविवार को सिंघु बार्डर के पास गुरु तेग बहादुर मेमोरियल के जन संसद समारोह में शिरकत करने का उन्हें निमंत्रण मिला था। पार्टी की तरफ से उन्हें जिम्मेदारी दी गई थी कि वह कृषि कानूनों के खिलाफ वहां पर अपना पक्ष रखें। लगभग तीन बजे जैसे ही वह अपनी कार से उतरकर समारोह स्थल की तरफ जाने लगे तो उनका विरोध शुरू हो गया। 

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भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने धक्कामुक्की भी की। हालांकि घटना के बाद बिट्टू ने शालीनता का परिचय देते हुए कहा कि उनकी पार्टी किसानों के साथ है और हमेशा रहेगी। वह इस आंदोलन में सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम आंदोलन में एकता की बात कर रहे हैं तो इस तरह की घटनाएं, क्या हमारी एकता को दिखाएंगी। 

जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, वह आंदोलन के पक्ष में रहेंगे। इसके बाद थोड़ी तल्खी भी दिखाई और कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद देखा जाएगा कि ऐसे लोगों से कैसे निपटना है। केंद्र सरकार तो पहले से कह रही है कि किसान आंदोलन में खालिस्तानी और माओवादी घुस चुके हैं। इस तरह की घटनाएं केंद्र की बात को और बल देंगी। अब हम केंद्र को खालिस्तानी और माओवादी जैसी बातों का जवाब देंगे कैसे, जब हमारे साथ ऐसा हो रहा है।
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