गांव गुरुसर सुधार सरपंच हरमिंदर सिंह गिल की अगुवाई में सुबह से खेती कानूनों की प्रतियां जलाने का सिलसिला शुरू किया गया। इसमें भारी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। बुधवार दोपहर के समय अनाज मंडी में लोहड़ी जलाकर खेती कानून की प्रतियां जलाई गई। इसी तरह गांव एतिआणा, हेरा, पत्ती धालीवाल, सुजापुर, बड़ैच व गांव सराभा में कानूनों की प्रतियां जलाई गईं।
अमलोह में रोजाना किसान देंगे धरना
किसान संघर्ष कमेटी अमलोह ने मंडी गोबिंदगढ़ चौक पर लोहड़ी पर केंद्र सरकार के कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं और सुबह 11 से शाम तीन बजे तक प्रदर्शन किया। इस धरने में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। वहीं पार्टीबाजी से अलग होकर नेता और आम लोग भी इस रोष प्रदर्शन का हिस्सा बने। किसान संघर्ष कमेटी ने निर्णय लिया कि जब तक दिल्ली किसान आंदोलन सफल नहीं होता, वह इस चौक पर रोज चार घंटे पक्का धरना देंगे। उन्होंने यह घोषणा भी की है कि 26 जनवरी को अमलोह से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर दिल्ली जाएंगे।
‘कठिन हालात में किसानों का साथ देने वाला ही असली पंजाबी’
अमलोह विधानसभा से कांग्रेस विधायक रणदीप सिंह नाभा ने बुधवार को ब्लाक कांग्रेस दफ्तर पर कृषि कानूनों का विरोध कर प्रतियां फूंकीं। विधायक रणदीप सिंह नाभा ने कहा कि हर घर में लोहड़ी पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाएं। रणदीप सिंह ने कहा कि कठिन हालात में किसानों का साथ देने वाला ही असली पंजाबी है।
आम आदमी पार्टी ने स्थानीय अनाज मंडी में कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर लोहड़ी मनाई। साथ ही किसान आंदोलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दविंदर सिंह बदेशा ने कहा कि मोदी सरकार को काले कानून तुरंत वापस लेने चाहिए, क्योंकि आंदोलन में बहुत किसान शहीद हो चुके हैं। इस कड़ाके की ठंड में किसान दिल्ली की सरहदों पर अपने हक मांग रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार अड़ियल रवैया अपनाए हैं।
टाहली वाला चौक पर कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकीं
किसान संगठनों ने बुधवार को टाहली वाला चौक पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर लोहड़ी मनाई। किसान नेता हरजीत सिंह टहलपुरा, बलबीर सिंह मंडौली, धरमसिंह सील की अगुवाई में सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाल दोपहर बाद टाहली वाला चौक पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर लोहड़ी मनाई।
छात्रा बोली - केंद्र सरकार कृषि कानून वापस ले
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बार्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के हक में केंद्र सरकार के खिलाफ बुधवार को बठिंडा के विभिन्न संगठनों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। ट्रैक्टर रोष मार्च शहर के अलग-अलग मोहल्लों से होकर गुजरा और आखिर में कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। ट्रैक्टर रोष मार्च में शामिल दसवीं की छात्रा जसमीत कौर ने कहा कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। केंद्र सरकार ने जिस तरह सांसद में पेश कर तीनों कानून पारित किए है, वैसे ही संसद का विशेष सत्र बुलाकर तीनों कानूनों को केंद्र वापस ले।
किसानों ने गुरुहरसहाए में ट्रैक्टर रैली निकाली
ममदोट में किसानों ने कृषि कानून की कापियां जलाकर लोहड़ी मनाई। गुरुहरसहाए में किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाल कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि ये ट्रायल किया जा रहा है। 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली करेंगे। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी व किसान यूनियन एकता सिधुपुर ने ममदोट में कृषि कानूनों की प्रतियां लोहड़ी में जलाईं।
किसान नेता जीवन सिंह व गुरमीत सिंह ने कहा जब तक केंद्र सरकार कृषि कानून रद्द नहीं करती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। किसानों ने कृषि कानून रद्द कराने के लिए पूरी तरह कमर कसी है। उधर, गुरुहरसहाए में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। ट्रैक्टर रैली दाना मंडी झोंक मोहड़े व गुरुद्वारा श्री संगत साहब से शुरू होकर गांव बुर्ज, बैरकां, मोलवी वाला, मिसरी वाला, कोहर सिंह वाला, चक सोमिया, माड़े कलां होते हुए गुरुहरसहाए पहुंची।