सांसद रवनीत बिट्टू ने कैप्टन और तृणमूल कांग्रेस पार्टी की तुलना करते हुए कहा कि जिस समय तृणमूल कांग्रेस का गठन हुआ था उस समय ममता बनर्जी सीएम नहीं थी। कैप्टन साढ़े नौ साल सीएम रह चुके हैं। ऐसे में उन्हें नई पार्टी गठित करने की जरूरत नहीं थी।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से नई पार्टी की घोषणा के बाद से कांग्रेस नेता उन पर हमलावर हैं। मंत्री परगट सिंह और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बाद अब लुधियाना के सांसद रवनीत बिट्टू ने कैप्टन पर निशाना साधा है। कैप्टन के ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ पार्टी का गठन करने पर बिट्टू ने कहा कि आखिर उन्हें कांग्रेस के नाम का सहारा लेना ही पड़ा है। बिट्टू ने कहा कि कैप्टन मेरे सत्कार योग्य हैं, लेकिन यदि वे कांग्रेस के खिलाफ कुछ कहेंगे तो मुझे बोलना पड़ेगा।
बिट्टू ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के साथ उनका मुकाबला नहीं हो सकता है, क्योंकि जिस समय तृणमूल कांग्रेस का गठन हुआ था उस समय ममता बनर्जी कोई सीएम नहीं रह चुकी थी। जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह 19 साल प्रधान और साढ़े नौ साल सीएम रह चुके हैं। इस उम्र में उन्हें नई पार्टी गठित करने की जरूरत नहीं थी।
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सांसद बिट्टू ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा सीएम की गद्दी छोड़ने के बाद एक मलाल जरूर है कि पंजाब के लोगों में वह छवि नहीं बना सके जो चाहते थे। अब वह उस छवि को दोबारा बनाने की कोशिश में जुटे हैं जो संभव नहीं है। अगर वह सीएम चन्नी को अपनी गाइडेंस देते और अपने अधूरे कार्यों को पूरा करवाते तो शायद पंजाब के लोगों में उनकी छवि दोबारा सुधर सकती थी।
पंजाब के मंत्री और विधायकों के अवैध खनन में जुड़े होने के सवाल पर सांसद बिट्टू ने कहा कि आखिरकार जब कैप्टन सीएम थे, तब उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की। उनकी ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि वह अब तक चुप्पी साधे बैठे रहे।
इससे पहले अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने टि्वटर हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ की गले मिलते फोटो शेयर कर कैप्टन से सवाल पूछा था। वहीं सिद्धू के दोस्त परगट सिंह ने ट्वीट किया कि क्या विडंबना है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी न तो पंजाबियों के लिए है, न लोक के लिए और कांग्रेस तो निश्चित तौर पर नहीं है।