मासूम को उसके माता पिता को सौंपते पुलिसकर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
लुधियाना रेलवे स्टेशन से बुधवार रात करीब ढाई बजे चोरी हुए तीन वर्षीय बच्चे आर्यन को जीआरपी और आरपीएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर वारदात के करीब 19 घंटे के बाद कपूरथला से ढूंढ निकाला। आशंका जताई जा रही है कि बच्चे को बलि देने के लिए अगवा किया गया था, लेकिन पुलिस के समय रहते हरकत में आने से बच्चे की जान बच गई।
पुलिस ने बच्चा चुराने के आरोपी दंपती को भी काबू कर लिय है। आरोपियों की पहचान जतिंदर उर्फ परदेसी और उसकी पत्नी पूनम उर्फ पूजा के रूप में हुई है। उक्त आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और कपूरथला में मजदूरी करते हैं। वह बिहार जाने के लिए खरीदारी करने लुधियाना आए थे। लुधियाना स्टेशन पर बच्चे को बैंच के नीचे अकेला पड़ा देखा तो वह उसे उठाकर अपने साथ ले गए।
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दो बसें बदल कर पहुंचे कपूरथला
इसके बाद स्टेशन के बाहर से ऑटो पकड़कर बस स्टैंड पहुंचे और फिर जालंधर बाइपास चौक पहुंचकर जालंधर की बस में बैठ गए। पुलिस को चकमा देने के लिए वह सीधा कपूरथला की बस में बैठने के बजाय पहले जालंधर पहुंचे और फिर दूसरी बस से कपूरथला तक आए।
सीसीटीवी की मदद से आए पकड़ में
जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त टीमें बनाकर स्टेशन परिसर तथा शहर के चौक चौराहों में लगे सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की मूवमेंट के बारे में पता लगाया और फिर कड़ी से कड़ी को जोड़ते हुए कपूरथला में दबिश देकर बच्चे को बरामद करने साथ आरोपियों को भी काबू कर लिया।
बार बार बयान बदल रहे हैं आरोपी
जीआरपी के एसपी बलराम राणा ने बताया कि आरोपियों की तरफ से बार बार बयान बदलने की वजह से बच्चा चोरी करने के पीछे की सही वजह का पता नहीं चल पाया, लेकिन अदालत से आरोपियों का पुलिस रिमांड हासिल करके गहनता से पूछताछ की जाएगी।