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केस प्रापर्टी की रिवाल्वर और कारतूस गायब, एसीपी के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत

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लुधियाना। गोली चलाकर दहशत फैलाने के आरोप में केस प्रापर्टी रिवाल्वर और कारतूस गायब होने का मामला सामने आया है। इस मामले में बाबा थान सिंह नगर के रहने वाले जसप्रीत सिंह ने सोमवार को पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को एक शिकायत दी है। जिसमें उसने थाना डिवीजन तीन के पूर्व एसएचओ और मौजूदा एसीपी रणधीर सिंह पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एसीपी पर दबाव बनाकर पैसे मांगने का आरोप लगाया। पुलिस कमिश्नर ने पीड़ित की शिकायत सुनकर इसकी जांच एडीसीपी वन को सौंप दी है। इस मामले में एसीपी रणधीर सिंह ने आरोपों को बेबुनियाद बताया।
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जसप्रीत सिंह ने शिकायत में लिखा है कि वर्ष 2015 में थाना डिवीजन तीन में एसीपी रणधीर सिंह बतौर एसएचओ तैनात थे। उसके खिलाफ थाना डिवीजन तीन में 336 आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज हुआ था। उसका रिवाल्वर लाइसेंसी और दस कारतूस पुलिस ने जब्त कर लिए थे। उसने इसकी जांच के लिए आवेदन दिया तो 18 महीने की लंबी जांच के बाद मामला रद्द हो गया। यह मामला रद्द होने के बाद वह रिवाल्वर लेने थाने गया तो उसे टाल मटोल कर दो साल तक ऐसे ही घुमाते रहे। इस मामले में तर्क दिया गया कि उसका रिवाल्वर एसएचओ रणधीर ने जमा किया था, वह एसीपी बन गए हैं। इस मामले में पहले उसने कोर्ट में केस दायर कर रिवाल्वर मांगा। कोर्ट ने इस मामले में आर्डर कर दिए और थाने से स्टेटस मांगा। इसके बाद मौजूदा एसएचओ और बाकी मुलाजिमों ने बयान दिया कि कोई रिवाल्वर थाने में नहीं पड़ा है। कोर्ट ने आईओ से केस की जानकारी ली। कुछ समय बाद हाईकोर्ट में शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। जसप्रीत ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में केस दायर करने के बाद एसीपी ने मौजूदा एसएचओ के साथ मिलीभगत कर खुर्द बुर्द किए गए लाइसेंसी रिवाल्वर को माल खाने में रख दिया और रिपोर्ट तैयार कर अदालत में भेज दी कि रिवाल्वर मिल गया है।
दबाव बना कर समझौता करने का एसीपी पर लगाया आरोप
जसप्रीत ने आरोप लगाया कि कुछ समय से एसीपी रणधीर सिंह उन पर दबाव बना रहा था कि वह कुछ सेटिंग कर ले। वह झूठा मामला तैयार करेंगे और मरे हुए मुलाजिम पर मामला दर्ज करने की सिफारिश कर देंगे। बाकी वह बैठकर बात करेंगे। जब वह नहीं माना तो उसे अलग अलग जगहों से धमकियां मिलने लगी कि उसे किसी झूठे मामले में फंसाया जाएगा और वह जल्द बाहर नहीं आ सकेगा। उसे अब भी लगातार धमकियां मिल रही है। जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर को दी। पुलिस कमिश्नर ने इसकी जांच एडीसीपी वन को दी है।
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एसीपी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
एसीपी रणधीर सिंह ने जसप्रीत द्वारा लगाए गए आरोपों के बेबुनियाद और गलत बताया। उन्होंने कहा कि जसप्रीत पर मामला दर्ज है। कैंसलेशन मंजूर नहीं हुई है। जिस कारण उसे रिवाल्वर नहीं मिला है। रिवाल्वर थाने में पड़ा है और इसकी जानकारी अदालत को दे दी गई है। एसएचओ इस बारे में बयान भी दर्ज करवा चुके है। इस मामले की जांच जब दीपक पारिक एडीसीपी थे तो भी की गई थी। उस समय भी रिवाल्वर थाने में था। बाकी वह हर जांच के लिए तैयार है, उसपर झूठे आरोप लगाए जा रहे है।
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