जगरांव के गांव भम्मीपुरा में पिछले 27 वर्ष से रह रहे एक प्रवासी के परिवार के 16 लोग पिछले 72 घंटे से श्मशानघाट के बाहर गंदे छप्पड़ के किनारे खुले आसमान के नीचे बिना बिजली, बिना पानी के रहने को मजबूर हैं। पीने का पानी भी परिवार के लोग श्मशानघाट से लाकर पी रहे हैं।
दरअसर तीन दिन पहले गांव के ही कुछ राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों ने इस गरीब परिवार का घर गिरा दिया। वहीं परिवार की जरूरत का सारा सामान छप्पड़ में फेंक दिया। छप्पड़ में फेंके गए सामान में परिवार के बिस्तर के गद्दे, सिलेंडर, साइकिल, स्टोव व अन्य छोटा-छोटा सामान है।
इस संबधी जब गांव भम्मीपुरा में अमर उजाला की टीम पहुंची तो गांव की महिला संरपच बलजिंदर कौर के पति गुरमेल सिंह ने बताया कि गांव के सिंकदर सिंह व कुछ लोगों ने उनके कहने पर लोकसभा चुनाव में वोट रवनीत सिंह बिटटू को डाला था। क्योंकि पहले वो काग्रेंसी थे और जब बिट्टू भाजपा में गए तो परिवार ने बिट्टू को ही वोट दिया। लोकसभा चुनाव वाले दिन ही कुछ लोगों ने सिंकदर व अन्य प्रवासी लोगों को वोट डालने को कहा तो उन्होंने साफ ही कह दिया कि वे अपना और परिवार के बाकी लोगों का वोट भाजपा को देकर आए हैं, जिसके बाद से ही सत्ताधारी पक्ष के लोग उनसे गुस्सा हो गए और उन्हें हर बार टारगेट किया जाने लगा।
कुछ दिन पहले ही सिंकदर नें छप्पड़ के किनारे शामलात जगह पर सरकार की तरफ से आई ग्रांट से ही एक कमरा बनाया था। उसके एक कमरे के मकान को गांव के आप कार्यकर्ताओं ने गिरा दिया। पीड़ित परिवार ने मामले की लिखित शिकायत एसएसपी जगरांव नवनीत सिंह बैंस को देने पहुंचे और वो शिकायत रायकोट के डीएसपी रछपाल सिंह ढींडसा को जांच के लिए भेजी गई।
संरपच पति गुरमेल सिंह का कहना है कि हठूर थाने की पुलिस भी सिंकदर के परिवार को वहां से भगाने के लिए बार-बार गांव के चक्कर काट रही है। परिवार के लोग पिछले तीन दिनों से छप्पड़ किनारे बिना छत के रह रहे हैं।
राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू तक पहुंचा मामला
हैरानी की बात यह है कि जिला प्रधान कर्नल इंद्रपाल धालीवाल अपने गांव लीला से भम्मीपुरा तक 20 किलोमीटर का सफर कर नहीं पहुंचे। भाजपा सचिव डॉ. रजिंद्र शर्मा ने यह मामला रवनीत सिंह बिट्टू के ध्यान में लाया है। रवनीत बिट्टू ने कहा कि अभी पंजाब में जंगल राज नहीं है। वोट चाहे किसी को भी डाला गया हो, लेकिन किसी का घर गिराना और सामाना छप्पड़ में फेंकना कहां का न्याय है। बिट्टू ने कहा कि उन्होंने लुधियाना की डीसी से बात की है और तुंरत कारवाई के लिए कहा है।