लुुधियाना। इतनी कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद भी जेल में से नशीला पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामान मिलना बंद नहीं हो रहा। पंजाब पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ की टीमें भी सुरक्षा में लगी हुई हैं। इसके बावजूद भी इस पर रोक नहीं लग पा रही। जेल के बाहर से नशीला पदार्थ और अन्य सामान फेंका जा रहा है। ेल के अंदर अस्पताल की बैक साइड से पुलिस को चेकिंग के दौरान 900 नशीली गोलियां बरामद हुई हैं। जेल प्रबंधन की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर सात की पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला पुलिस ने हरमिंदर सिंह सहायक सुपरिंटेंडेंट केंद्रीय जेल की शिकायत पर दर्ज किया है।
उन्होंने बताया कि 23 जुलाई की शाम सेंट्रल जेल में चेकिंग की जा रही थी। जहां चेकिंग के दौरान अस्पताल की बैक साइड से एक बंडल बरामद हुआ, जिसमें 900 संतरी रंग की नशीली गोलियां थीं। पुलिस का कहना है कि यह किसी अज्ञात व्यक्ति ने जेल की बाहरी दीवार से अंदर फेंकी हैं। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपी को नामजद कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
उधर, जेल प्रबंधन के लाख दावों के बावजूद सेंट्रल जेल से प्रतिबंधित मोबाइल और नशीले पदार्थों की बरामदगी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को हुई सर्च के दौरान जेल अधिकारियों ने विभिन्न मामलों में बंद कैदियों व हवालातियों के कब्जे से मोबाइल, बैटरियां, तंबाकू, सिगरेट व बीड़ी के पैकेट बरामद किए। उनके खिलाफ केस दर्ज करके थाना डिवीजन नंबर 7 की ताजपुर चौकी पुलिस को रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है।
सहायक जेल सुपरिंटेंडेंट कश्मीरी लाल ने बताया कि शुक्रवार शाम उन्होंने जेल गार्द तथा सीआरपीएफ टीम के साथ मिलकर सेंट्रल जेल के बीकेयू वार्ड में सर्च आपरेशन चलाया। इस दौरान नशा तस्करी के मामले में विचाराधीन कैदी नवांशहर निवासी परमजीत सिंह पुत्र इंद्रजीत सिंह के कब्जे से सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन मिला। नशा तस्करी के ही मामले में बंद अमृतसर निवासी रमेश कुमार के कब्जे से सैमसंग कंपनी का मोबाइल मिला।
नशा तस्करी मामले में बंद उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद अशरिफ के कब्जे से मोबाइल की तीन बैटरियां मिलीं। इसी तरह से गंगा वार्ड में की गई सर्च के दौरान लावारिस हालत में पड़े तंबाकू के 18 पैकेट, सिगरेट के 5 पैकेट तथा बीड़ी के 5 बंडल बरामद किए गए। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि यह सब प्रतिबंधित सामान जेल में किस तरह से पहुंचा।