पुलिस टीम की हिरासत में दोनों आरोपी।
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बठिंडा में सीआईए-2 की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो चोरी के मोबाइलों में फर्जी आईएमईआई नंबर लगाकर और उनके स्पेयर पार्ट्स से छेड़छाड़ कर बेचते थे। इस गिरोह से 320 मोबाइल, 340 मोबाइल चार्जर और 1100 मदर बोर्ड बरामद हुए हैं। पंजाब जैसे सीमांत राज्य में सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में मोबाइल फोन का बरामद होना सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल खड़े करता है। यही नहीं आरोपी दिल्ली से स्पेयर पार्ट्स खरीदकर लाते थे। सूत्रों के अनुसार सामने आया है कि आरोपी अब तक लाखाें के मोबाइल फोन बेच चुके हैं।
पुलिस ने आरोपी सोहन लाल उर्फ मोनू निवासी अजीत रोड बठिंडा, मुनीश कुमार उर्फ रोहित, राजन नारंग को इस मामले में पकड़ा है। थाना कैंट एवं सिविल लाइन पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है। रविवार को सीआईए पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल की।
बता दें कि एक दिन पहले शनिवार को पुलिस ने सिर्फ 75 मोबाइल फोन मिलने की बात कही थी। एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने बताया कि सीआईए-2 स्टाफ पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सोहन लाल उर्फ मोनू, मुनीश कुमार और राजन नारंग दिल्ली से चोरी के मोबाइलों के स्पेयर पार्ट्स खरीदकर लाते हैं और उनसे छेड़छाड़ कर फर्जी आईएमईआई नंबर लगाकर लोगों को बेच देते हैं।
पुलिस ने गुप्त सूचना पर शहर के बीबी वाला रोड व अजीत रोड पर दबिश देकर वहां से आरोपी सोहन लाल उर्फ मोनू और मुनीश कुमार, राजन नारंग को गिरफ्तार कर 320 मोबाइल, 340 मोबाइल चार्जर, 1100 मदर बोर्ड बरामद किए। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस पता लगाने का प्रयास करेगी कि अब तक आरोपी कहां-कहां मोबाइल बेच चुके हैं।
अलग-अलग कंपनियों के स्टीकर लगाकर बेचते थे आरोपी
सूत्रों के अनुसार तीनों आरोपी शहर में एक अपने ठिकाने पर नकली आईएमईआई नंबर लगाकर अलग-अलग कंपनियों के स्टीकर लगा देते थे। जिसके बाद उन्हें डिब्बों में बंद कर आगे लोगों को बेचा जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने माना है कि अब तक वो लाखों के मोबाइल बेच चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि राज्य में छोटे मोबाइल फोन पर नकली आईएमईआई नंबर लगाकर बेचने का धंधा ही नहीं चलता, बल्कि इसी तरह बड़े फोन भी धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। जिसका खुलासा आने वाले दिनों में पंजाब पुलिस कर सकती है।