बेअदबी मामला : बठिंडा में भिड़े मान दल और अकाली वर्कर
तलवंडी साबो में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री को काली झंडियां दिखाने पहुंचे थे मान दल कार्यकर्ता
एक बुजुर्ग की बाजू टूटी, चार अन्य लोगों को लगी चोटें, पुलिस घायलों को बयान दर्ज करने के लिए ढूंढ रही है
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को शुक्रवार को तलवंडी साबो में एक कार्यक्रम में आना था। इस दौरान अकाली दल मान के करीब बीस वर्कर बादल को काली झंडियां दिखाने के लिए समागम स्थल के नजदीक पहुंचे तो सामने से आए करीब सौ अकाली वर्करों के साथ उनकी झड़प हो गई। इस झड़प में मान दल से संबंधित एक बुजुर्ग की नीचे गिरने से बाजू टूट गई जबकि चार अन्य लोगों को चोटें आई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मुश्किल से माहौल को शांत किया। थाना तलवंडी साबो पुलिस इस झड़प में घायल हुए लोगों को ढूंढ रही है ताकि उनके बयान दर्ज कर आगे कार्रवाई कर जा सके।
अकाली दल मान से संबंधित अवतार सिंह, सरबजीत सिंह ने बताया कि अकाली सरकार के समय श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई थी। बेअदबी करने वाले आरोपियों को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने बचाए रखा। अब जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने बेअदबी कांड का पूरा सच लोगों के सामने रख दिया। इसी कारण सिखों में बादलों के प्रति रोष है। उन्होंने बताया कि वह अपने साथियों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से धार्मिक ग्रंथों की हुई बेअदबी को लेकर ही रोष स्वरूप वह पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को काली झंडियां दिखाने पहुंचे थे। पहले से ही साजिश के तहत एकत्र हुए अकाली दल के वर्करों ने उन पर तेजधार हथियारों और डंडों से हमला कर दिया। इसमें मान दल के एक बुजुर्ग वर्कर की बाजू टूट गई जबकि चार अन्य वर्करों को चोटें आई। मान दल के दोनों वर्करों ने कैप्टन सरकार से मांग की कि जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करवाने और बरगाड़ी गोलीकांड करवाने के आरोपी बादल पिता पुत्र के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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पुलिस घायलों के बयान दर्ज करने के लिए उन्हें ढूंढ रहीं है। जो इस झड़प में घायल हुए हैं, उनके बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया कि वह कहां पर दाखिल है।
- गुरजीत सिंह, प्रभारी, थाना तलवंडी
‘पटियाला रैली इज्जत का सवाल, आना जरूर’
पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने वर्करों और लोगों से की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। अकाली दल की ओर से पटियाला में सात अक्तूबर को की जाने वाली रैली को सफल बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल विभिन्न शहरों और कस्बों के दौरे पर हैं। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री तलवंडी साबो के एक पैलेस में पहुंचे। इस दौरान बादल ने वर्करों को कहा कि पटियाला रैली अकाली दल की इज्जत का सवाल है। उन्होंने अकाली वर्करों समेत आम लोगों से अपील की कि पटियाला की रैली में चाहे पैदल आए या कारों पर, लेकिन जरूर पहुंचे। बादल ने कहा कि शिअद की रैली आम लोगों से संबंधित गंभीर मामलों को लेकर है लेकिन कांग्रेस जो लंबी में रैली करने जा रही है वह सिर्फ उनके परिवार को निशाना बनाने के लिए करने जा रही है। बादल ने कहा कि महंगाई बढ़ जाने के कारण वेतन बढ़ता तो सुना था लेकिन कैप्टन सरकार की ओर से अध्यापकों के वेतन को घटाने के फरमान को वे पहली बार सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सूबे के सरकारी स्कूलों में अध्यापक नहीं रहेंगे तो बच्चों को अच्छी शिक्षा कैसे मिलेगी। संगरूर में वीरवार को सुखबीर बादल के काफिले पर हुए हमले के संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे हमले कांग्रेस सरकार जानबूझकर करवा रही है। जहां पर 200 पुलिस कर्मी सुरक्षा के लिए तैनात हों, वहां सिर्फ पच्चीस तीस लोग हमला करने का प्रयास करें तो साफ है कि सरकार की शह पर ही यह हो रहा है। वह ऐसे हमलों से डरने वाले नहीं है।