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नशा छुड़ाओ केंद्र से भागे युवक: सिविल अस्पताल पहुंच बयां किया दर्द, कहा- परिवार से नहीं कराते थे बात, मारपीट का भी आरोप

Wed, 17 Nov 2021 12:39 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

पंजाब के लुधियाना जिले में 13 युवक एक नशा छुड़ाओ केंद्र से भाग निकले। युवक ने केंद्र संचालकों पर मारपीट का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्हें वहां जबरदस्ती रखा जाता था। घरवालों से बात तक नहीं करवाई जाती थी। अब मामले की जांच डिप्टी मेडिकल कमिश्नर को सौंप दी गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नशा छुड़ाने के लिए मुल्लापुर के एक नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल करीब 13 नौजवान सोमवार की रात को दरवाजा तोड़कर व दीवार फांदकर फरार हो गए। वह मंगलवार की सुबह सिविल अस्पताल में पहुंचे और वहां उन्होंने अपना मेडिकल करवा कर इसकी शिकायत सिविल सर्जन के पास की। लिखित शिकायत में उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। सिविल सर्जन ने भी उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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सिविल अस्पताल में पहुंचे युवकों ने आरोप लगाया कि वह नशा करने के आदी थे और परिवार वालों ने उन्हें मुल्लापुर की झांग रोड स्थित एक नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल कराया था। वहां पर 30 से 35 नौजवान दाखिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वह 13 युवक हैं जो वहां से देर रात को फरार हुए हैं। 

आरोप लगाने वाले युवक सिमरनजीत सिंह, गुरमुख सिंह, जसप्रीत सिंह, रणजोत सिंह, जोबन सिंह, मलविंदर सिंह ने कहा कि नशा छुड़ाओ केंद्र में उनके साथ मारपीट की जाती है। लाठी डंडों के साथ मारपीट करने के साथ साथ हथियारों के बट मारे जाते हैं। केंद्र में न तो कोई डॉक्टर और न ही कोई फार्मासिस्ट है। केंद्र चलाने वाले खुद ही टीके लगा रहे हैं और खुद ही अपनी तरफ से दवाई देते हैं।
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युवकों ने आरोप लगाया कि यह केंद्र भी उन्होंने खोला हुआ है जिनका केंद्र करीब दो साल पहले सेहत विभाग ने बंद कर दिया था। युवकों ने आरोप लगाया कि परिवार वालों से कई-कई दिनों तक बात नहीं कराई जाती। अगर बात कराई जाती है तो एक युवक, डंडा लेकर उनके ऊपर खड़ा होता है जो धमकी देता है कि अगर शिकायत की तो उनका बुरा हाल किया जाएगा। वह छह-छह महीने से दाखिल हैं। उन्हें परिवार वालों से मिलने नहीं दिया जाता। जबकि वह नशा भी छोड़ चुके है और अब ठीक है। मगर केंद्र में उनके साथ जबरदस्ती की जाती है। 

डिप्टी मेडिकल कमिश्नर को जांच सौंपी: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि उनके पास शिकायत आई है। डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. सुरिंदर को मामले की जांच सौंपी है। वह कुछ दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे और आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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