कोरोना काल से बंद पड़ी 12 पैसेंजर ट्रेनें फिर से पटरी पर दौड़ती नजर आएंगी। इन ट्रेनों को चलाने के आदेश जारी हो चुके हैं। ये ट्रेनें अगले एक-दो दिन तक पटरी पर लौट आएंगी। इसके बाद यात्री पहले की तरह जनरल टिकट खरीदकर पैसेंजर ट्रेन में सफर कर सकेंगे। इन ट्रेनों के दोबारा शुरू होने से कई ग्रामीण इलाके फिर से रेल संपर्क से जुड़ जाएंगे। इन इलाकों से रोजमर्रा के कार्यों के लिए शहर जाने वाले लोग कम समय और वाजिब किराये में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले रोजाना यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। रोजाना सफर करने वाले यात्री अपने मासिक पास पर आसानी से सफर कर सकेंगे।
ये ट्रेनें हुईं शुरू
- लुधियाना-फिरोजपुर-लुधियाना पैसेंजर (54051/54052)
- जाखल-लुधियाना-जाखल पैसेंजर (54053/54054)
- हिसार-लुधियाना-हिसार पैसेंजर (54603/54606)
- लुधियाना-चूरू-लुधियाना पैसेंजर (54604/54605)
- जालंधर-फिरोजपुर-जालंधर पैसेंजर (54643/54644)
- जालंधर-फिरोजपुर-जालंधर पैसेंजर (74935/74940)
रेल डिवीजन फिरोजपुर को स्क्रैप से हुई 38.20 करोड़ रुपये की आमदनी
रेल डिवीजन फिरोजपुर की रेल मंडल प्रबंधक डॉ. सीमा शर्मा ने बताया कि मंडल ने इस वित्त वर्ष के अप्रैल से फरवरी माह के दौरान स्क्रैप की रिकॉर्ड बिक्री से 38.20 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अर्जित किए गए 19.86 करोड़ रुपये के राजस्व से 192.34 फीसदी अधिक है।
फिरोजपुर मंडल ने रेलवे बोर्ड द्वारा इस वित्त वर्ष में दिए गए स्क्रैप बिक्री लक्ष्य 34 करोड़ रुपये को समय पूर्व हासिल कर लिया है। उत्तर रेलवे स्क्रैप बिक्री के मामले में भारतीय रेलवे के सभी जोनल रेलवे और सार्वजनिक उपक्रमों में शीर्ष पर है। स्क्रैप का निस्तारण एक महत्वपूर्ण गतिविधि है। स्क्रैप के निस्तारण से राजस्व अर्जित होने के साथ-साथ कार्य परिसरों को साफ-सुथरा रखने में भी मदद मिलती है। रेलवे लाइन के निकट रेल पटरी के टुकड़ों, स्लीपरों आदि स्क्रैप के कारण सुरक्षा संबंधी जोखिम तथा केबिन, क्वार्टरों और अन्य ढांचों के दुरुपयोग की संभावना बनी रहती है।