मुक्तसर के मलोट रोड स्थित पनसप के गोदाम में सड़कर खराब हुआ गेहूं।
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एक ओर गरीब को अनाज का एक दाना तक नसीब नहीं होता, वहीं सरकार और अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी गोदामों में लाखों टन अनाज सड़ कर खराब हो जाना आम हो गया है। इसकी मिसाल मलोट रोड स्थित पनसप के गोदाम में सड़े लाखों टन अनाज को देखकर मिलती है।
गोदाम में खुले आसमान के नीचे पड़ा सारा स्टाक डैमेज हो चुका है। इसे अभी तक वहां से हटाया नहीं जा सका है। अब खरीद सीजन के चलते नया स्टॉक आने वाला है। ऐसे में गेहूं का नया स्टॉक कहां रखा जाएगा, सोचने का विषय है।
मलोट रोड स्थित पनसप के इस गोदाम में रखा लाखों टन अनाज गर्मी एवं बारिश से पूरी तरह से सड़ा पड़ा है। गोदाम में चारों ओर डैमेज स्टॉक की सड़ांध मार रही है। इसकी ओर विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा।
अधिकारियों के अनुसार यह स्टॉक अब डैमेज हो चुका है। अब ऊपर से खरीद सीजन के चलते नया स्टॉक रखने का समय आ गया है। इस बार पनसप की ओर से करीब 1 लाख 60 हजार टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य है। इससे भी ज्यादा खरीद हो सकती है। मगर अभी तक पुराना डैमेज स्टॉक हटाया न जा सका है।
पनसप के डैमेज विभाग के डिलिंग हेड हरमिंदर सिंह ने बताया कि एक गोदाम में लगभग 2 से 3 लाख की मात्रा में खराब गेहूं पड़ा है। ऐसे लगभग 6-7 गोदाम हैं। सही आंकड़ों का पता नहीं चला सका हैं, जानने का प्रयास किया जा रहा है।
मैंने अभी दो दिन पहले ही ज्वाइन किया है। इतना पता है कि पनसप का काफी स्टॉक डैमेज हुआ पड़ा है। पुराने गेहूं के काफी के टेंडर भी हो गए हैं। जल्द ही डैमेज स्टॉक को उठवाया जाएगा, तभी नए स्टॉक को स्टोर किया जाएगा। नहीं तो नया स्टॉक भी खराब हो सकता है। गोदाम में कवर स्पेस नहीं है। इसलिए खुले में पड़ा होने से अनाज खराब हो जाता है। जगह की भी कमी है। इसलिए गेहूं कहीं न कहीं तो रखना ही है। शेड के लिए सरकार से रिकमेंड कर सकते हैं। मगर सरकार की ऐसी कोई पॉलिसी नहीं है।
- मानव जिंदल, डीएम, पनसप