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बॉलीवुड अदाकारा अर्चना पूर्ण सिंह की जालंधर कोर्ट में हुई वर्चुअल पेशी, 1.40 करोड़ रुपये के एंटरटेनमेंट घोटाले के मामले में हुई सुनवाई

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जालंधर। 2011 में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़कलां में हुए जन्म शताब्दी समारोह में 1.40 करोड़ से अधिक के एंटरटेनमेंट घोटाले में बुधवार को बॉलीवुड अदाकारा और कॉमेडी विद कपिल शर्मा शो में काम कर रही अर्चना पूर्ण सिंह की जालंधर की अदालत में वर्चुअल पेशी हुई। घोटाले में अदालत ने अर्चना पूर्ण सिंह के बयान दर्ज किए। बता दें कि कुछ माह पहले बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक उदित नारायण बतौर गवाह अपने बयान दर्ज करवा चुके हैं। पंजाब आर्ट एंड कल्चर विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में करीब कु 3.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। जिसमें 1.40 करोड़ से अधिक का घोटाला सामने आया था।
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्म शताब्दी समारोह में अर्चना पूर्ण सिंह, उदित नारायण, साधना सरगम, शेखर सुमन, हंस राज हंस, पम्मी बाई, प्रेम चोपड़ा, उत्तम सिंह समेत कई बॉलीवुड और पॉलीवुड कलाकारों ने शिरकत की थी। एंटरटेनमेंट के नाम पर हुआ यह घोटाला पंजाब विजिलेंस के पास होने के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पास भी दर्ज है। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अंकुर बंसल ने बताया कि बुधवार को अभिनेत्री अर्चना पूर्ण सिंह ने बतौर गवाह वर्चुअल पेश होकर बयान दर्ज करवाए।
अदाकारा अर्चना पूर्ण सिंह ने बयान में कहा है कि शहीद-ए-आजम के जन शताब्दी समारोह पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत करने के बदले उन्हें डेढ़ लाख रुपये दिए गए थे। उनसे जब पूछा गया कि उनके साथी हास्य कलाकार शेखर सुमन को कितने पैसे दिए गए थे तो अर्चना पूर्ण सिंह ने कहा कि उन्हें ढाई लाख रुपये मिले थे। जितने पैसे सरकारी रिकॉर्ड में दिखाए गए हैं, उतने पैसे उन्हें मिले हैं। वहीं अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश हो चुके गायक उदित नारायण ने अदालत को बताया था कि उन्हें इस समागम में शिरकत करने के लिये एक लाख रुपये देने की बात हुई थी और इतनी ही रकम का चेक उन्हें दिया गया था। इसके अलावा 12 लाख उनकी टीम को दिए गए थे। उन्होंने अदालत में पेश इस तथ्य की पुष्टि की थी।
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विजिलेंस ब्यूरो के तत्कालीन एसएसपी सुरजीत सिंह ग्रेवाल की शिकायत पर दर्ज मामले में आरोप थे कि विभाग के तत्कालीन प्रमुख और जालंधर मंडल के तत्कालीन कमिश्नर डॉक्टर स्वर्ण सिंह ने कम पैसे देकर कलाकारों के खातों में ज्यादा पैसे दिखाए और 1.40 करोड़ रुपये हड़प लिए। मामले में तत्कालीन डिवीजनल कमिश्नर स्वर्ण सिंह, जीएम एंटरप्राइजेज के मालिक विकास मेहरा निवासी फरीदाबाद, संजय निवासी फरीदाबाद और सतवीर सिंह बाजवा निवासी चंडीगढ़ को भी नामजद किया गया था।
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