जालंधर। विधायक परगट सिंह के शिक्षा मंत्री की कुर्सी संभालते ही उनके घर में प्रदर्शन करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। बीएड टीईटी पास बेरोजगार शिक्षक पिछले करीब दो सप्ताह से जालंधर में खाली पोस्ट भरने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। मंगलवार को बेरोजगार अध्यापक यूनियन ने शिक्षा मंत्री परगट सिंह की कोठी का घेराव कर दिया। इस यूनियन के सदस्यों ने शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी। यूनियन का कहना है कि यह भूख हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।
इस यूनियन के प्रदेश प्रधान इंद्रपाल सिंह व उप प्रधान रीना ने कहा कि वह शिक्षक बनने की सभी शर्तें पूरी करते हैं, इसके बावजूद सरकार उन्हें नौकरी देने में आनाकानी कर रही है। इसके चलते यूनियन के सदस्य शिक्षा बोर्ड के दफ्तर में पिछले 146 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। यह वजह है कि अब अध्यापकों ने शिक्षा मंत्री के घर के बाहर ही भूख हड़ताल करने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि अब उनके पास सरकार के आश्वासन पर चुप रहने का समय नहीं है। वह अब भी कोरे आश्वासन पर भरोसा करके चुप बैठ गए तो उनकी उम्र की सीमा पार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वह टीचर बनने की योग्यता हासिल करने के बावजूद नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब उनके सब्र का बांध पूरी तरह से टूट चुका है। सरकार ने उन्हें नजरअंदाज किया तो वह आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हो जाएंगे और इसका जवाब आने वाले विधानसभा चुनाव में देंगे।