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Punjab: गरीबी मिटाने विदेश गए... ट्रैवल एंजेंट ने लाखों रुपये लेकर दिया धोखा, इराक से लौटे दो युवाओं की आपबीती

Mon, 31 Mar 2025 06:16 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला)

सार

गरीबी मिटाने की चाह में कर्ज लेकर विदेश में कमाने का सपना लिए गए जालंधर के दो युवकों के साथ ट्रैवल एजेंट ने धोखा किया। उन्हें कुवैत भेजने के बजाए इराक भेज दिया। जहां उनके साथ जो हुआ वह उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। 
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संत सीचेवाल के साथ इराक से लौटे दोनों व्यक्ति। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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खाड़ी देशों में भारतीयों को आ रही मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन उन पर दुखों के पहाड़ टूटते रहते हैं। जालंधर जिले के पत्तर कलां के गुरप्रीत सिंह और सोढ़ी राम अपनी घर की गरीबी खत्म करने के लिए कर्जा उठा कर साल 2024 में कुवैत गए थे। ट्रैवल एजेंटों ने उन्हें धोखा दिया और कुवैत भेजने की बजाय इराक भेज दिया। जहां उन्हें एक कंपनी में बंदी बना लिया गया। इराक में दोनों ने यातनाएं झेली। कंपनी ने उन्हें खाने को रोटी तक नहीं दी। 

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महीनों परिवार से दूर रहकर मुसिबतें झलने के बाद दोनों अब वापस पंजाब लौटे हैं। दोनों की वतन वापसी राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल की वजह से संभव हो पाई है। उन्होंने बताया कि इराक में उनका एक दिन बिताना भी एक साल बराबर था। वापसी के बाद दोनों पंजाबी युवाओं ने कहा कि अगर राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलवीर सिंह उनकी मदद न करते तो उनके लिए घल वापस लौटना नामुमकिन था।

नहीं मिलता था दो वक्त का खाना

निर्मल कुटिया सुलतानपुर लोधी परिवारों सहित पहुंचे गुरप्रीत सिंह और सोढ़ी राम ने बताया कि उन्होंने कर्जा लेकर कुवैत जाने के लिए ट्रैवल एजेंटों को 1 लाख 85 हजार रुपये दिए थे, जिसका ब्याज चुकाना भी उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया था। इराक में कठिन मेहनत करने के बावजूद उन्हें तनख्वाह नहीं दी जाती थी, न ही इलाज करवाया जाता था और न ही दो वक्त का खाना दिया जाता था। कंपनी ने उनसे कई दस्तावेजों में साइन करवा लिए थे। दोनों ही वतन वापसी की उम्मीद छोड़ चुके थे।

कहीं नहीं हो रही थी सुनवाई

गुरप्रीत सिंह और सोढ़ी राम ने नम आंखों से संत सीचेवाल का धन्यवाद किया, जिनकी मदद से उनकी घर वापसी संभव हो पाई। गुरप्रीत और सोढ़ी राम के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि उन्होंने 15 मार्च को राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल से संपर्क किया था। 28 मार्च को उनके अपने वापस भारत लौट आए। उन्होंने यह भी बताया कि गरीबी और बहुत कम पहुंच होने के कारण उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।

महज 14 दिनों में हुई वापस वापसी 

राज सभा सदस्य संत बलबीर सिंह ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की बदौलत ये भारतीय महज 14 दिनों में वापस लौट आए हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की प्रसंशा करते हुए कहा की वे लगातार चुनौतिपूर्ण स्थितियों से भारतीयों को निकालकर भारत वापस भेजने का काम कर रहे हैं। संत सीचेवाल ने फिर पंजाब के लोगों, खासकर गरीब तबके से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे अरब देशों में जाने से पहले किसी सूझबूझ वाले व्यक्ति की मदद जरूर लें। उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि ऐसे ठग और फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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अभी भी दर्जन से अधिक भारतीय इराक में फंसे

इराक से वापस लौटे गुरप्रीत सिंह और सोढ़ी राम ने बताया कि उस कंपनी में दर्जन से अधिक भारतीयों को एजेंटों द्वारा फंसाया गया है। वहां फंसे भारतीयों को वापस लौटना बहुत कठिन हो रहा है, क्योंकि कंपनी उनके पासपोर्ट अपने पास रख लेती है। संत सीचेवाल ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि ऐसी कंपनियां जहां अपने कर्मचारियों पर शारीरिक उत्पीड़न करती हैं, वहीं वे उन्हें तनख्वाह न देकर उनकी आर्थिक लूट भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बाकी बचे भारतीयों को भी जल्द वापस लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
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