पठानकोट। पठानकोट में ऑक्सीजन सिलिंडरों की किल्लत दूर होने को है। एक तरफ जिला प्रशासन 100 नए ऑक्सीजन सिलिंडर खरीद रहा है। वहीं, रणजीत सागर बांध प्रशासन ने 360 सिलिंडर जिला प्रशासन को इस्तेमाल के लिए दिए हैं। इनमें से 90 वर्किंग हैं, जबकि, 270 सिलिंडरों को मामूली रिपेयर के बाद इस्तेमाल किया जा सकेगा।
बता दें, इससे पहले सिविल अस्पताल प्रबंधन सिर्फ 125 सिलिंडरों से काम चला रहा था। पठानकोट के सिविल अस्पताल में रोजाना 40-50 ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत हो रही है। प्राइवेट अस्पतालों की बात की जाए तो लगभग 110 सिलिंडर खप रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने पर स्थिति बिगड़ सकती थी, लेकिन अब प्रशासन के पास जरूरत के मुताबिक सिलिंडर मौजूद हैं। वहीं, बताया जा रहा है कि पठानकोट के इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर के कुछ लोगों ने भी जिला प्रशासन को ऑक्सीजन सिलिंडर देने की पेशकश की है।
सिविल अस्पताल में लेवल-2 के 45 मरीज भर्ती
सिविल अस्पताल के कोरोना केयर सेंटर में लेवल-2 के 45 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 40 मरीज ऑक्सीजन स्पोर्ट पर हैं। पिछले दिनों के मुकाबले मरीज बढ़ने के साथ ही खपत भी बढ़ रही है। ऐसे में ये सिलिंडर संजीवनी के तौर पर काम करेंगे। रणजीत सागर बांध के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (मैकेनिकल) व्यास देव ने बताया कि रणजीत सागर बांध के पास कुल 120 वर्किंग सिलिंडर थे, इनमें से 90 जिला प्रशासन को दिए गए। जबकि 30 सिलिंडर बांध की मरम्मत और आरएसडी अस्पताल में इमरजेंसी के लिए रखे गए हैं।
‘इस महामारी के साथ लड़ाई में ऑक्सीजन बड़ा हथियार है। ऑक्सीजन की कमी किसी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। बांध प्रशासन के पास जो बंद पड़े सिलिंडर हैं उन्हें भी जल्दी रिपेयर करवाकर इस्तेमाल में लाया जाएगा।’ - संयम अग्रवाल, डीसी, पठानकोट