केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ शहर में भी ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल की। ट्रेड यूनियनों ने देश व्यापी हड़ताल की घोषणा पहले ही दो सितंबर को कर दी थी।
ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को बैंक यूनियनों ने भी समर्थन दिया। शुक्रवार को जालंधर में ट्रेड यूनियनों, बैंक, पोस्ट आफिस, एलआईसी आफिस और फोकल प्वाइंट में हड़ताल कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यूनियन कार्यकर्ताओं के अनुसार केेंद्र सरकार का कोई भी निर्णय कर्मचारियों के हित में नहीं है। देश में महंगाई चरम पर है। वेतन से उनका गुजारा बड़ी मुश्किल से हो रहा है। सरकार उनके वेतन में वृद्धि करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। उन्हें पूरे भत्ते भी नहीं दिए जा रहे हैं। खाली पदों पर भर्तियां नहीं की जा रही हैं। कर्मचारियों पर काम का बोझ अधिक है।
यूनियनों की हड़ताल की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंकों का कारोबार भी पूरी तरह से बंद होने से लोगों को पैसों के लेन-देन में दिक्कत हुई। इससे काफी हद तक उनका कारोबार भी प्रभावित हुआ। इसके अलावा रोडवेज मुलाजिमों की ओर से भी हड़ताल की गई।
मुलाजिमों ने सुबह दस से दोपहर दो बजे तक हड़ताल की। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य पर जाने में दिक्कत झेलनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने प्राइवेट बसों को भी बस स्टैंड के अंदर आने से रोक दिया। हड़ताल के दौरान बस स्टैंड के सभी गेट बंद करवा दिए गए थे।