जालंधर में प्रेस कांफ्रेंस करते राज्यसभा के नवनियुक्त सदस्य शमशेर सिंह दूलो।
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राज्यसभा के नवनियुक्त सदस्य शमशेर सिंह दूलो का मानना है कि इस समय राजनीति साफ सुथरी न रहकर मौका परस्त हो गई है। उनका कहना है कि अगर कोई नेता अकाली दल से दुखी है तो वो कांग्रेस में व कांग्रेस से नाराज है तो अकाली दल में आ रहा है। लेकिन इन नेताओं को पुराने पार्टी नेताओं से ज्यादा महत्व देना ठीक नहीं है।
दूलों ने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि दूसरी पार्टी से आने वाले नेताओं का स्वागत है, लेकिन वह किसी पद को पाने के लिए लाइन में रहें। किसी दूसरी पार्टी से आए नेता को बड़ा पद दे देना ठीक नहीं है। इससे पुराने पार्टी नेताओं के हौसले में कमी आती है। उन्होंने कहा कि हंसराज हंस का इसी मुद्दे पर विरोध था।
इसको लेकर जातिवाद की राजनीति नहीं होनी चाहिए। राज्यसभा सदस्य चुने जाने के उनके नाम पर कई कांग्रेसी नेताओं के विरोध पर उन्होंने कहा कि कोशिश सभी करते हैं लेकिन किसे बनाया जाए, यह फैसला हाईकमान का होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को न समझ पाने वाले ही गलत बयानबाजी कर रहे हैं।
दूलो ने कहा कि वैसे भी किसी भी पद को हासिल करने के लिए काबिलियत, ईमानदारी व पार्टी के प्रति निष्ठा होनी बहुत जरूरी है। एसवाईएल के मुद्दे पर कांग्रेस के उप अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस इस मुद्दे पर एकजुट है।
उन्होंने कैप्टन की ओर से एक परिवार से एक टिकट देने के फैसले को सही ठहराया, लेकिन जब उनके राज्य सभा सदस्य बनने के बाद उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट दिए जाने के बारे में पूछा गया तो वे बात को घुमा गए। उन्होंने कहा कि वह राज्य सभा सदस्य हैं, लेकिन यह चुनाव विधानसभा के हैं। वैसे भी पार्टी को जो उम्मीदवार अच्छा लगेगा, टिकट उसी को मिलेगी। इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक राजकुमार गुप्ता, अरुण वालिया, पार्षद सुशील रिंकू, वरिंदर शर्मा व अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद थे।