अबोहर। नहरी विभाग द्वारा अबोहर क्षेत्र की नहरों की कथित बाराबंदी के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों द्वारा पंजाब से राजस्थान को जाने वाले चार रास्तों पर किया गया चक्का जाम बुधवार दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। इस दौरान धरना स्थलों के दोनों ओर ट्रकों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं।
वहीं नायब तहसीलदार अविनाश चंद्र व नहरी विभाग के एक्सईएन रमनप्रीत सिंह मान ने राजपुरा धरने पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की, लेकिन किसानों का कहना था कि आप पानी छोड़ दो और हम सड़क छोड़ देंगे। इससे अधिकारियों और किसानों की बातचीत बेनतीजा रही। किसान नेताओं का कहना था जब तक बाराबंदी खत्म कर लंबी माइनर में पानी नहीं छोड़ा जाता तब तक उनका चक्का जाम लगातार जारी रहेगा।
इस बारे में प्राप्त जानकारी के अनुसार अबोहर से होकर राजस्थान की सीमा पार करने वाले चार रास्तों पर मंगलवार को शुरू हुआ चक्काजाम रात भर जारी रहा और बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर सोए रहे। सुबह होते ही किसानों ने नहरी विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान महाराष्ट्र और गुजरात से फल और सब्जियां आदि जरूरी सामान लेकर पंजाब के रास्ते अन्य राज्यों को जाने वाले सैकड़ों ट्रक सड़क किनारे खड़े हैं। इससे उनका भारी नुकसान हो रहा है। इधर नहरी विभाग के एक्सईएन रमनप्रीत सिंह मान व नायब तहसीलदार अविनाश चंद्र अपनी टीम सहित राजपुरा धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों से यातायात बहाल करने की अपील की। इस पर किसानों ने कहा कि जब तक नहरी विभाग बाराबंदी खत्म नहीं करता तब तक उनका धरना जारी रहेगा। काफी देर तक चली अधिकारियों और किसानों की बातचीत बेनतीजा रही। किसानों का कहना था कि विभाग बाराबंदी खत्म करते हुए लंबी माइनर में पानी छोड़ दें तो वे तुरंत सड़क छोड़ देंगे।
उन्होंने कहा कि अबोहर क्षेत्र की बारामासी नहरों को बार-बार बंद करने से यहां का किसान और बागवान तबाह हो गया है। वहीं अगर प्रशासन ने शीघ्र ही उनकी समस्या हल नहीं किया तो वे हरियाणा को जाने वाले रास्ते भी बंद कर देंगे। किसानों ने आरोप लगाया कि नहरी विभाग द्वारा पंजाब के हिस्से का दो हजार क्यूसिक पानी राजस्थान को दिया जा रहा है जिसकी पूर्ति के लिए पंजाब की नहरों की बाराबंदी तैयार की गई है। इसके तहत रविवार से एक सप्ताह के लिए लंबी माइनर बंद कर दी गई। जबकि इसके बाद मलूका माइनर, रामसरा माइनर, पंजावा माइनर और फिर सुखचैन माइनर को एक-एक सप्ताह के लिए बंद करने की कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसी के विरोध में राजस्थान को जाने वाले सभी रास्ते बंद किए गए हैं। इसमें श्रीगंगानगर रोड़ गांव गिदड़ांवाली के पास, हनुमानगढ़ रोड़ गांव राजपुरा के पास, मलोट लालगढ़ रोड़ पर गांव दोदा के पास तथा संगरिया रोड़ पर गांव बजीतपुर भोमा के पास में सड़क पर धरना लगा हुआ है।
फोटो एबीआर 1- अबोहर के हनुमानगढ़ रोड़ पर लगाया गया धरना।