डॉ. राजकुमार वेरका।
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अबोहर स्थित गांव पट्टी बिहला के दलित मजदूर नत्था सिंह को एक पूर्व सरपंच और उसके गिरोह की ओर से परेशान किए जाने के आरोप में आत्महत्या करने के मामले में सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एससी कमीशन) के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार वेरका के सामने पंजाब पुलिस के एडीजीपी (क्राइम) इंदरप्रीत सिंह सहोता पेश हुए।
डॉ. वेरका ने इस मामले में एससी एक्ट लगाने तथा आरोपियों को सात दिन में गिरफ्तार करके आयोग को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग को लिखी शिकायत में नत्था सिंह के पुत्र गोरा सिंह तथा कांग्रेस नेता एवं विधायक सुनील जाखड़ ने बताया कि पूर्व सरपंच रोशन सिंह के गिरोह ने नत्था सिंह के परिवार की नाक में दम कर रखा था।
नत्था सिंह को अपमानित करने के लिए उसके घर में किन्नरों को लाकर नचाया गया। पड़ोस वालों को इस परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने के लिए मजबूर किया गया। यहां तक कि उनके घर में ताला लगा कर उन्हें बाहर निकाल दिया गया। उनके द्वारा पाले गए बेजुबान पशुओं को तीन दिन तक बिना चारे और पानी के रहना पड़ा। इतना अपमानित होने के बाद नत्था सिंह ने 30 अप्रैल को धरांगवाला गांव के सेमनाले पर जाकर कीटनाशक का सेवन कर लिया और 2 मई को उसने दम तोड़ दिया।
गोरा सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किये जाने से गुस्साये लोगों ने जब 3 मई को रोष प्रदर्शन किया तो महिला पुलिस के बिना ही प्रदर्शनकारी महिलाओं को खदेड़ा गया और उल्टा आपराधिक मामला दर्ज किया। भले ही पूर्व सरपंच रोशन सिंह सहित 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। डॉ. वेरका ने सोमवार को इस मामले में सबसे पहले एससी एक्ट लगाने और सात दिन के अंदर अंदर आरपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए हैं।