सूबे की सात किसान और छह मजदूर संगठनों की ओर से मांगों के लिए लंबी में रोष रैली की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने के लिए गांव बादल की ओर जाते मजदूरों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। इससे गुस्साए मजदूरों ने नेशनल हाईवे पर धरना लगा यातायात ठप कर दिया।
मजदूरों और किसानों ने राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। नेताओं ने किसानों मजदूरों पर चढ़ा सारा कर्ज माफ करने, किसान मजदूर हित में कानून बनाने, आत्महत्या कर चुके मजदूरों किसानों के पीडित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये व सरकारी नौकरी देने, भूमि रहित किसान व खेत मजदूरों को पांच-पांच मरले के प्लॉट देने की मांग की। इसके साथ ही लावारिस पशुओं और नोटबंदी से हो रही परेशानी बंद करने, ठेका मुलाजिमों को पक्का रोजगार देने तथा बेरोजगारों को नौकरी देने की मांग भी उठाई गई।
इस अवसर पर कुलवंत साउंके, हेमराज बादल, भाकियू के जिला अध्यक्ष पूरन सिंह दोदा, गुरांदित्ता भागसर, गुरभगत सिंह भलाईआना, ब्लॉक लंबी के सचिव गुरपाश सिंह सिंघेवाला, पीकेएमयू के गुरजंट सिंह, तरसेम सिंह खुंडेहलाल, सुखा सिंह सिंघेवाला, फकीर चंद भी मौजूद थे।