देश में कोरोना के प्रकोप ने इस बार लोकतंत्र के महापर्व को पूरी तरह बदल दिया है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करते वक्त यह साफ कर दिया है कि चुनाव कोविड प्रोटोकॉल के तहत होगा और राजनीतिक रैलियों और सभाओं पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसी परिस्थतियों में मैदान में जाकर चुनाव प्रचार संभव नहीं हो रहा है। लिहाजा नेताजी ने सारा जोर वर्चुअल चुनाव प्रचार पर लगा दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के पास साइबर योद्धाओं की सबसे बड़ी शक्ति है। पंजाब भाजपा ने अपने फेसबुक पेज को प्रोमोट करना शुरू कर दिया है। पंजाब भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा व पंजाब भाजपा के पेज पर रोजाना लाइव कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं। ट्विटर पर भाजपा लगातार पंजाब के मुद्दों को लेकर मुखर हो रही है।
ट्विटर पर पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू की दमदार स्पीच लगातार चलाई जा रही हैं। सिद्धू लगातार ट्विटर व फेसबुक के जरिए अपना प्रचार कर रहे हैं और तीखे हमले कर रहे हैं। पीपीसीसी के अधिकारिक पेज पर कांग्रेस चन्नी की नीतियों के अलावा तमाम वीडियो अपलोड कर रही है।
आप भी फेसबुक व ट्विटर पर छाई हुई है और अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी है। अरविंद केजरीवाल लगातार लाइव होकर पंजाब की जनता से रूबरू हो रहे हैं। आप पंजाब के प्रधान भगवंत मान सिद्धू से पीछे चल रहे हैं।
ट्विटर पर अकाली दल काफी पीछे है। सुखबीर बादल फेसबुक पर छाए हुए हैं। सुखबीर बादल की टीम फेसबुक पेज को पूरी तरह से प्रोमोट कर रही है और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा रहा है। सुखबीर बादल की स्पीच को अपलोड किया जा रहा है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह बेशक कांग्रेस से अलग हो गए हैं लेकिन उनके निजी पेज पर लगातार वीडियो व उनके किए कामों की जानकारी अपलोड हो रही है। आम जनता तक पहुंचाए जा रहे हैं।
संयुक्त समाज मोर्चा के फेसबुक व ट्विटर हैंडल अभी शुरू हुए हैं और संख्या एक हजार से भी कम है। अगर वर्चुअल रैलियों के जरिए प्रचार की बात हुई तो संयुक्त समाज मोर्चा सोशल मीडिया पर पिछड़ सकता है।