राज्य सरकार की तरफ से कंप्यूटर अध्यापकों के साथ 17 फरवरी को हुई बैठक में मांगें न माने जाने के बाद संघर्ष तेज करने का फैसला किया गया है।
कंप्यूटर अध्यापकों की नई रणनीति के मुताबिक अब वे 23 फरवरी को परिवार सहित मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे। इसी दिन एक स्टेट स्तर की रैली करने की भी रणनीति तैयार की गई है। सचिवालय में हुई बैठक के दौरान प्रिंसिपल सचिव एसके संधू, शिक्षा सचिव अंजली भावड़ा व मनदीप सिंह संधू हाजिर थे।
यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार उनके साथ दोगली नीति अपना रही है। यूनियन के प्रदेश प्रधान गुरविंदर सिंह तथा महासचिव अमरदीप सिंह मोगा ने बयान में बताया कि राज्य सरकार ने कंप्यूटर अध्यापकों के नियुक्ति पत्रों में दर्ज पंजाब सर्विस रूल 1970 को बदलते हुए सोसायटी के नए रूल तैयार करने की भी यूनियन को जानकारी नहीं दी गई।
नेताओं ने कहा कि अब जो स्कूलों की पेपर नजदीक हैं तो राज्य सरकार उन्हें स्कूल छोड़ हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर कर रही है। गुरविंदर सिंह ने कहा कि यूनियन का विचार है कि वे लंबी सामूहिक छुट्टी लेकर संघर्ष पर चले जाएं। इसके बाद अगर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी तो उसकी जिम्मेवारी पंजाब सरकार की होगी। अब सरकार के इस फैसले का 7000 कंप्यूटर अध्यापक विरोध करेंगे।