पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल कहते थे टीनू तैयारी कर तैनूं सांसद बनाना है। मैं उनकी बातों पर कभी गंभीर नहीं हुआ, लेकिन अब पार्टी ने अब हुक्म जारी कर दिया है तो चुनाव लड़ूंगा ही।
साथ ही सीट को जीतकर शिअद प्रधान की झोली में डालूंगा। यह विचार टिकट मुख्य संसदीय सचिव पवन कुमार टीनू के हैं। पार्टी का टिकट मिलने के बाद बुधवार को वे काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि जब से टिकट की घोषणा हुई है, उन्हें शुभकामना देने वालों का तांता लगा है।
लोगों का समर्थन बता रहा है कि उनके लिए अब दिल्ली दूर नहीं है।250 रुपये खर्च कर युवा सरपंच बनने वाले पवन कुमार टीनू का कहना है कि सरपंच बनना भी उनके लिए एक ख्वाब जैसा था। वह 25 साल के थे, जब खुरला किंगरा के काफी लोग उनके घर आए और उनके पिता से गुजारिश की कि वह सरपंच का चुनाव लड़ें।
उन्होंने कहा था कि राजनीति में वह नहीं आएंगे, लेकिन जब लोगों ने जिद की तो पिता ने मेरा बाजू पकड़ा और कहा कि इसको ही सरपंच बना दो।
कभी बनाई थी बहुजन क्रांति पार्टी
टीटू ने कहा कि तब उन्होंने महज 250 रुपये खर्च किए थे और युवा सरपंच बन गया। कई बार तो डिप्टी कमिश्नर व अन्य के पास जाता तो युवा सरपंच देखकर दंग रह जाते थे। 1997 में विधानसभा चुनाव हुए तो बसपा ने जालंधर वेस्ट से टिकट दे दी।
जालंधर वेस्ट से मोहिंदर सिंह केपी, भगत चुन्नी लाल मैदान में थे और त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया, बसपा को 26 हजार वोट मिली। बसपा का दामन काफी समय तक थामा और अपनी पार्टी बहुजन क्रांति पार्टी भी बनानी पड़ी, लेकिन 2007-08 में शिअद में अपनी पार्टी का विलय कर दिया।
शिरोमणि अकाली दल ने 2012 में उस पर विश्वास जताया और आदमपुर विधानसभा सीट से उन्होंने जीत हासिल की।