पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल ने सद्भावना रैली को संबोधित करते हुए कहा
कि वह जिस सरकारी कोठी में रहते हैं, वहां पर 2002 से 2007 तक कैप्टन
अमरिंदर सिंह भी रहे हैं, जब वह सीएम होते थे।
उस वक्त कोठी में
शराब का बार होता था और अब उस कोठी में श्री गुरु ग्रंथ साहब का प्रकाश है।
मैं रोजाना सुबह उठकर पाठ करता हूं और सिमरन करता हूं। इसके बाद ही कामकाज
पर निकलता हूं। उन्होंने कहा कि मेरी तो बादल पिंड की कोठी में भी श्री
गुरु ग्रंथ साहब का प्रकाश है और कैप्टन के मोती महल में देख लो क्या होता
है ?
उन्होंने कैप्टन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह उन पर इल्जाम
लगाने और बोलने से पहले कुछ तो सोचे कि क्या इल्जाम लगा रहे हैं। बादल ने
कहा कि जिस व्यक्ति में अहंकार होता है, उस पर वाहे गुरू कभी बख्शीश नहीं
करते। कैप्टन अहंकार से भरे हुए हैं और हाईकमान को डराकर प्रधान बने हैं।
हमारे
लिए तो कैप्टन 2007 व 2012 वाले ही हैं। ठहाका लगाते हुए सीएम ने कहा कि
बताओ कैप्टन की ताजपोशी की जानी है, ताजपोशी तो राजा महाराजा की होती थी।
कैप्टन को जमीन की तरफ देखना चाहिए। कैप्टन रात को अपने सांढू सिमरनजीत
सिंह मान के साथ मीटिंग करते हैं और दिन में बयानबाजी करते हैं। आम आदमी
पार्टी के प्रधान सुच्चा सिंह छोटेपुर कैप्टन के पक्के चेले हैं। बादल ने
कैप्टन को नसीहत दी कि वह भेस बदलकर उनकी रैलियों में आकर तो देखे कि कितनी
पब्लिक आ रही है।
बादल ने सभी गांवों के सरपंचों को कहा कि वह
पंचायतों में प्रस्ताव पास करें और शांति व भाईचारे के लिए छोटी-छोटी
सद्भावना रैलियां खुद इलाकों में करें। रैली के दौरान पंजाब के सीएम प्रकाश
सिंह बादल, सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, ओएसडी चरणजीत सिंह बराड़, भाजपा
प्रधान कमल शर्मा, मनोेरंजन कालिया, बीबी जागीर कौर, दिल्ली गुरूद्वारा
प्रबंधक कमेटी के प्रधान मंजीत जीके, नकोदर के प्रधान आदित्य मनु भटारा
मौजूद थे।