जालंधर। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन की आड़ में पंजाब को बांट रही है। पंजाब को अशांत प्रदेश साबित कर शहरी व ग्रामीण में बांटा जा रहा है। जाखड़ शुक्रवार को जालंधर में थे और मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार 26 जनवरी की घटना को आधार बनाकर पंजाब को अशांत व बदनाम करने की कोशिश कर रही है। जबकि किसानों का लाल किले की घटना में कोई हाथ नहीं था। किसानों के मंच से 3 दिन पहले ही यह घोषणा की जा रही थी कि अगर कोई लाल किले पर झंडा फहराने या अलगाववादी सोच से काम कर रहा है तो वह आंदोलन छोड़ सकता है, उसका किसानी आंदोलन से कोई लेना देना नहीं है। तीन दिन से यह सब चल रहा था, सरकार ने रोकने की कोशिश की नहीं की।
जाखड़ ने कहा कि जिस दिन भाजपा को नजर आया कि किसान आंदोलन के कारण यूपी में नुकसान हो सकता है तो इस आंदोलन का कोई हल निकलेगा। अन्यथा केंद्र सरकार आंदोलन को दबाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। जाखड़ ने कहा कि लोकतंत्र की छाती पर कील ठोकी जा रही है। इस दौरान विधायक राजिंदर बेरी, मेयर जगदीश राज राजा, विधायक सुशील रिंकू, विधायक बावा हेनरी समेत कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे।