सीवरेज के गंदे पानी की निकासी न होने से परेशान नाका नंबर दो के दुकानदारों ने मंगलवार को धरना लगाकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी ओर से दुकानें बंद कर नगर काउंसिल और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
दुकानदारों का आरोप था कि वह बीते पांच सालों से सीवरेज की समस्या से जूझ रहे हैं। बार-बार अधिकारियों के ध्यान में मामला लाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। दुकानदारों ने कहा कि नगर काउंसिल की ओर से सीवरेज की निकासी के प्रबंधों को अनदेखा करते हुए गांधी चौक से रामबाड़ा बाजार तक सड़क ऊंची कर दी गई है। इस वजह से बाजार की गलियों हकीमां वाली गली, राम बाड़ा बाजार मंदिर वाली गली में अकसर ही सीवरेज का पानी कई दिनों तक खड़ा रहता है। इसके अलावा गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब का पानी भी इसी ओर छोड़ा जाता है।
पानी खड़ा रहने की वजह से डेंगू, मलेरिया व अन्य बीमारियां फैलने का भय बना रहता है। करीब चार घंटे तक दुकानदारों ने यातायात ठप रखा, लेकिन कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उनकी सार लेने नहीं पहुंचा। दुकानदारों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान न किया गया तो वह संघर्ष तीव्र करने पर विवश होंगे।
इसी स्थान पर ही करीब दो साल पहले एक बैंक कर्मचारी की खड़े पानी में करंट आने से मौत हो गई थी। इस दौरान मनजीत सिंह कंडा, रमेश क्लाथ हाउस, जगतार सिंह, भूषण कुमार, अशोक कुमार, सीता राम खिच्ची, मनजीत सिंह, मक्खन खिच्ची, नोटी भूषण, रिंकू कुमार, टिंकू कुमार, राज कुमार, सतीश सत्संगी, अजय, कृष्ण कुमार मौजूद थे। काउंसिल अध्यक्ष हरपाल सिंह बेदी का कहना है कि सीवरेज में मिट्टी जमा होने से सही निकासी नहीं हो रही। इसकी सफाई करवा दी जाएगी। गली ऊंची होने के संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसका एस्टिमेट तैयार कर दिया गया है।