जालंधर में ऑक्सीजन खत्म होने के फोन से मची अफरातफरी।
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जालंधर के एक निजी अस्पताल में दाखिल मरीज के परिजनों को आधी रात को फोन आया कि अस्पताल में ऑक्सीजन का स्टाक काफी कम रह गया है। वे अपने मरीज को किसी और अस्पताल में दाखिल करवा दें। इतना सुनते ही परिजन घबरा गए और तुरंत अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचने पर मामला कुछ और ही निकला।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को अधरंग का अटैक आने के कारण उन्होंने ऐसा कहा था कि वो चाहें तो मरीज को किसी और अस्पताल में भर्ती करवा सकते हैं। मामला बढ़ता देख पुलिस भी बुला ली गई। देर रात तक किसी तरह अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाकर हालात को काबू किया गया।
गांव भुलत्थ के रहने वाले चरणजीत सिंह मक्कड़ ने बताया कि उनका मरीज सर्वोदय अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए दाखिल करवाया गया था। रविवार रात करीब 12 बजे अस्पताल से फोन आया कि उनके पास सिर्फ 2 बजे तक का ही ऑक्सीजन बैकअप है। वह मरीज के लिए खुद ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम कर सकते हैं तो ठीक, नहीं तो अपने मरीज को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाएं।
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ़ कपिल गुप्ता का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं। जिस मरीज की बात की जा रही है, उस मरीज को अधरंग का अटैक हो गया था। इस बारे में मरीज के परिजनों को सूचित किया गया था। मरीज के परिजनों ने मामले को गलत ढंग से पेश कर दिया। मरीज का इलाज तो अब भी अस्पताल में चल रहा है।