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पंजाब में लापरवाही: सरकारी अस्पताल में हो रही थी ऑक्सीजन की बर्बादी, ऑडिट में खुली पोल

Mon, 26 Apr 2021 06:24 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

ऑडिट से पता चला है कि सिविल अस्पताल में रोजाना 196 सिलिंडर ऑक्सीजन की बर्बादी हो रही थी। इसके बाद अस्पताल में ऑक्सीजन की डिमांड 410 सिलिंडर से घटकर 214 पर आ गई है। 
 
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जालंधर के सिविल अस्पताल में हो रही ऑक्सीजन की बर्बादी। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पंजाब में जहां एक तरफ ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है वहीं जालंधर के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की बर्बादी की जा रही थी। सिविल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के ऑडिट में यह खुलासा हुआ है। ऑडिट से पता चला है कि सिविल अस्पताल में रोजाना 196 सिलिंडर ऑक्सीजन की बर्बादी हो रही थी। इसके बाद अस्पताल में ऑक्सीजन की डिमांड 410 सिलिंडर से घटकर 214 पर आ गई है। 

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सहायक डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल की अगुवाई में हुए ऑडिट में पता चला कि अस्पताल में बन रही ऑक्सीजन को गैरजरूरी कामों में इस्तेमाल किया जा रहा था। फिलहाल कोरोना की लहर को देखते हुए तमाम तरह की सर्जरी टाली जा चुकी हैं। इलाज में जहां भी ऑक्सीजन की जरूरत है उसे बंद किया जा चुका है। अब ऑक्सीजन की सप्लाई सिर्फ कोरोना मरीजों के लिए सीमित कर दी गई है। इसके बावजूद सिविल अस्पताल की ऑक्सीजन दूसरे कामों में भी इस्तेमाल हो रही थी। 


सिविल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और पूरा रिकॉर्ड मॉनीटर करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए हर सिलिंडर की लॉग बुक में एंट्री जरूरी कर दी गई है और डीसी के आदेश पर वहां सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। सोमवार की जांच के बाद ऑक्सीजन की खपत 50 फीसदी रह गई है।

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अस्पताल से आया ऑक्सीजन खत्म होने का फोन, परिजन घबराए

जालंधर के एक निजी अस्पताल में दाखिल मरीज के परिजनों को आधी रात को फोन आया कि अस्पताल में ऑक्सीजन का स्टाक काफी कम रह गया है। वे अपने मरीज को किसी और अस्पताल में दाखिल करवा दें। इतना सुनते ही परिजन  घबरा गए और तुरंत अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचने पर मामला कुछ और ही निकला। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को अधरंग का अटैक आने के कारण उन्होंने ऐसा कहा था कि वो चाहें तो मरीज को किसी और अस्पताल में भर्ती करवा सकते हैं। मामला बढ़ता देख पुलिस भी बुला ली गई। देर रात तक किसी तरह अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाकर हालात को काबू किया गया। 
 
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