जालंधर के सिविल अस्पताल में हो रही ऑक्सीजन की बर्बादी।
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पंजाब में जहां एक तरफ ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है वहीं जालंधर के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की बर्बादी की जा रही थी। सिविल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के ऑडिट में यह खुलासा हुआ है। ऑडिट से पता चला है कि सिविल अस्पताल में रोजाना 196 सिलिंडर ऑक्सीजन की बर्बादी हो रही थी। इसके बाद अस्पताल में ऑक्सीजन की डिमांड 410 सिलिंडर से घटकर 214 पर आ गई है।
सहायक डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल की अगुवाई में हुए ऑडिट में पता चला कि अस्पताल में बन रही ऑक्सीजन को गैरजरूरी कामों में इस्तेमाल किया जा रहा था। फिलहाल कोरोना की लहर को देखते हुए तमाम तरह की सर्जरी टाली जा चुकी हैं। इलाज में जहां भी ऑक्सीजन की जरूरत है उसे बंद किया जा चुका है। अब ऑक्सीजन की सप्लाई सिर्फ कोरोना मरीजों के लिए सीमित कर दी गई है। इसके बावजूद सिविल अस्पताल की ऑक्सीजन दूसरे कामों में भी इस्तेमाल हो रही थी।
सिविल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और पूरा रिकॉर्ड मॉनीटर करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए हर सिलिंडर की लॉग बुक में एंट्री जरूरी कर दी गई है और डीसी के आदेश पर वहां सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। सोमवार की जांच के बाद ऑक्सीजन की खपत 50 फीसदी रह गई है।