पंजाब का नामी गैंगस्टर रहा लक्की पटियाल अब बब्बर खालसा के साथ
लक्की पटियाल पंजाब का नामी गैंगस्टर रहा है, लेकिन अब उसका संपर्क बब्बर खालसा से बन चुका है। पटियाल अब अरमानिया पहुंच चुका है और पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा के हरविंदर रिंदा का खासमखास बन चुका है। विक्की मिड्ढूखेड़ा से लेकर संदीप नंगल अंबियां तक की हत्या में लक्की पटियाल का नाम सामने आया, लेकिन केंद्रीय एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, लक्की का संपर्क अब बब्बर खालसा से बन चुका है। लखविंदर लंडा आतंकवादी खालिस्तान का समर्थक है और मौजूदा समय में यूरोप में है। ऐसी ताजा जानकारी है कि वह कनाडा में पहुंच गया है और वहां से पाक में बैठे आतंकवादियों के साथ संपर्क में है और उनके लिए काम कर रहा है। सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू को तो केंद्र सरकार ने आतंकवादी घोषित कर रखा है और वह भी पाक में बैठे आतंकवादियों की मदद के अलावा पंजाब में आग लगाने का काम कर रहा है। हरविंदर रिंदा पाकिस्तान में है और बब्बर खालसा की कमान संभाल रखी है।
अमेरिका में बैठा है बलविंदर पोसी
बलविंदर सिंह पोसी कुख्यात आतंकवादी है और इस समय अमेरिका में है। बलविंदर सिंह पोसी की मां और बहन को भी हथियारों समेत गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान पाया गया था कि बलविंदर पोसी ने अमेरिका से सारा फाइनेंस किया था। बलविंदर सिंह पोसी के खिलाफ जालंधर में 2006 में दो मामले दर्ज किए गए थे, जिसमें उसने केमिकल विस्फोट कर बसों को आग लगा दी थी। 29 जुलाई 2009 को पटियाला में रूलदा सिंह की हत्या कर दी गई थी। वे सिख संगत आरएसएस के नेता थे। इस हत्याकांड का तानाबाना भी विदेश से बुना गया था, जिसमें बलविंदर सिंह पोसी शामिल पाया गया था। पोसी अब अमेरिका की जेल में बंद है, लेकिन उसका नेटवर्क पूरा चल रहा है।
पैसा कमाने जर्मनी गया था मुल्तानी
लुधियाना बम ब्लास्ट का मास्टरमाइंड जर्मनी का रहने वाला जसविंदर सिंह मुल्तानी 15 साल पहले पैसा कमाने के लिए जर्मनी गया था, लेकिन वहां जाकर वह आतंकी बन गया। सात साल पहले मुल्तानी अपने गांव मंसूरपुर लौटा था। एक सप्ताह तक रुकने के बाद वह फिर जर्मनी लौट गया था। उसके बाद वापस नहीं आया। उसके आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने की खबर सुनकर गांव मंसूरपुर के लोग दहशत में हैं। हालांकि, यहां पर मुल्तानी पर कोई आपराधिक केस नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जसविंदर की मां कमलजीत कौर का निधन हो चुका है। उसके पिता अजीत सिंह ही अकेले रहते हैं। इन दिनों वह पूरा सक्रिय है।
बेल्जियम में रहने वाला भूरा का हथियार सप्लाई में अहम रोल
बेल्जियम में रहने वाला जगदीश भूरा काफी कुख्यात है और पंजाब में हथियारों की सप्लाई में उसका अहम रोल है। पंजाब में हेरोइन की सप्लाई में भी जगदीश भूरा का काफी बड़ा हाथ है। भूरा के काफी सहयोगी पंजाब में हेरोइन के साथ काबू किए जा चुके हैं। वह पाकिस्तान से हथियारों की खेप पंजाब में भिजवाने का भी माहिर है। यूके का रहने वाला परमजीत सिंह पम्मा एनआईए की लिस्ट में वांटेड आतंकी है। उसके खिलाफ कई देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। उसका लिंक पाकिस्तान के तमाम बड़े आतंकी संगठनों के अलावा आईएसआई से है।
ड्रोन से हथियार सप्लाई का मास्टर माना जाता है बग्गा
गुरमीत बग्गा जर्मनी का वह आतंकवादी है, जो ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई करने वाला मास्टर माना जाता है। जर्मनी के रहने वाले गुरमीत सिंह बग्गा व भूपिंदर सिंह, यूके के रहने वाले परमजीत सिंह पम्मा, कनाडा के रहने वाले हरदीप सिंह निझ्झर यूरोप में से फंड जमा कर आतंकवाद को जिंदा करने की कोशिश में लगे हुए हैं। केंद्रीय गुप्तचर एजेंसियों के मुताबिक, जर्मनी में छिपा खालिस्तानी आतंकी गुरमीत सिंह बग्गा होशियारपुर जिले का रहने वाला है। बग्गा के छोटे भाई गुरदेव सिंह उर्फ प्रॉपर्टी को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। ड्रोन के जरिये हथियारों को भेजने का आइडिया खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख सदस्य गुरमीत सिंह बग्गा उर्फ डॉक्टर का ही है। यह आइडिया उसे जर्मनी व आसपास के इलाकों में ड्रग्स डीलरों द्वारा तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने से मिला था। उसने इसे पाकिस्तान में आईएसआई के साथ सांझा किया और आईएसआई को बग्गा ने ही यूके से पूरे टिप्स दिए कि कैसे हथियारों को ड्रोन के जरिये भारत में गिराया जा सकता है।
बब्बर खालसा से जुड़ा है फगवाड़ा का गुरविंदर
फगवाड़ा का गुरविंदर सिंह बब्बर खालसा इंटरनेशनल आतंकी संगठन से जुड़ा है। दिसंबर 2007 में इसके पास से आरडीएक्स बम बरामद किया गया था। इसमें गुरविंदर को सात साल की कैद हुई थी। जिस आतंकी मॉड्यूल के साथ इसे काबू किया गया था। उसके निशाने पर डेरा सच्चा सौदा मुखी राम रहीम, बाबा भनियारा वाला, दिव्य ज्योति संस्थान के मुखी आशुतोष और आतंकवाद विरोधी फ्रंट के मनिंदरजीत सिंह बिट्टा थे। जेल से जमानत लेने के बाद वह कहां गायब हो गया ? किसी को कुछ पता नहीं है। लेकिन एजेंसियों ने इनपुट दिया है कि वह भी भारत से बाहर निकल चुका है और नाम बदलकर गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। केंद्रीय एजेंसियों के ताजा इनपुट के बाद सूबे की काउंटर इंटेलिजेंस व अन्य एजेंसियां तेजी से इन आतंकियों का पंजाब में नेटवर्क खंगाल रही है और जमीनी स्तर पर होमवर्क किया जा रहा है।