पास्टर के खिलाफ 22 वर्षीय महिला की शिकायत के बाद आईपीसी की धारा 354-ए, 354-डी और 506 के तहत यौन उत्पीड़न, पीछा करने और आपराधिक धमकी के लिए एफआईआर दर्ज हुई है। इसके बावजूद अभी तक पास्टर बजिंदर सिंह के खिलाफ कोई कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पंजाब के जालंधर के गांव ताजपुर स्थित द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम के पास्टर प्रोफिट बजिंदर सिंह पर एक महिला ने कथित मारपीट का आरोप लगा है। इस मामले में एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें बजिंदर एक आदमी और एक औरत को मारते हुए दिखाई दे रहा है। यह वीडियो उनके ऑफिस का बताया जा रहा है। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है।
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वायरल हुई सीसीटीवी फुटेज को चर्च के कर्मचारियों ने फेक बताया है। उनका कहना है कि इसे एडिट किया गया था। उन्होंने साफ कहा कि हम वहां बैठे ही नहीं थे। वहीं वीडियो में दिख रही महिला का कहना है कि पास्टर ने किसी को नहीं मारा। पास्टर को बदनाम करने के लिए यह सब किया जा रहा है।
एक व्यक्ति ने कहा कि चर्च के कामों के लिए फंड दिया जा रहा था। इसे लेकर आरोप लगाए जा रहे थे, जिसके बाद कमेटी ने जांच की। पता चला कि फंड आ रहा है लेकिन पास्टर तक नहीं पहुंच रहा। जांच में पता लगा कि चर्च से कुछ चोरी हो रहा था। व्यक्ति ने कहा कि जो कुछ अब सीसीटीवी फुटेज में दिखाया जा रहा है वह कुछ नहीं हुआ।