जालंधर। नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट के तहत जिले में तैनात की गई महिला टीचरों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन पर 18 माह की बजाए मात्र 3 माह की सैलरी लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इन महिला टीचरों का कहना है कि वीरवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें कार्यालय में बुलाकर दबाव बनाया कि 3 माह का वेतन लें और कागजों पर हस्ताक्षर कर दें।
जब टीचरों ने इसका विरोध किया और कहा कि उन्हें पूरे 18 माह का वेतन दिया जाए तो प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसके विरोध में इन महिला टीचरों ने जिला प्रशासनिक कार्यालय के सामने धरना लगा दिया। इन महिला टीचरों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से उन्हें डेढ़ साल से वेतन जारी नहीं किया गया है और अब उन्हें मात्र 3 माह का वेतन देकर टालने की कोशिश की जा रही है।
टीचरों के साथ समझौता न होने के कारण इन टीचरों ने जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स के आगे धरना देकर सड़क जाम कर दी। इन स्कूलों में पढ़ा रही टीचर्स का कहना है कि उनका 18 माह का वेतन रोका गया है। केंद्र सरकार की तरफ से पैसा जारी किया जाता रहा है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से उनका वेतन नहीं दिया गया है। इस दौरान इन टीचरों ने जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रशासनिक कांप्लेक्स की सड़क जाम होने के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। हालांकि वाहन चालकों के लिए पुलिस ने लाडोवाली रोड की तरफ से रूट डायवर्ट कर दिया था, जिसके कारण लोगों को राहत मिल गई।