पंजाब चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की तरफ से 34 टिकटों की घोषणा कर दी गई है, जिसमें कई पुराने चेहरों को दोबारा तरजीह दी गई है। कालिया से लेकर तीक्षण सूद तक दोबारा मैदान में हैं वहीं दोनों पुराने विधायकों को भी मैदान में उतारा गया है। पार्टी 23 सीटों पर चुनाव लड़ते आ रही है लेकिन पहली बार है कि भाजपा 65 से 70 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। इस बार भाजपा कैप्टन अमरिंदर सिंह व सुखदेव सिंह ढींडसा की पार्टी के साथ गठबंधन कर मैदान में है।
जालंधर कैंट से अकाली दल के सर्बजीत सिंह मक्कड़ को टिकट देने की चर्चा चल रही थी लेकिन पार्टी की तरफ से सर्वेक्षण में आया कि कैंट सीट पर भाजपा का हिंदू चेहरा उतरना चाहिए। कैंट विधानसभा हलका रिटायर व वर्तमान फौजियों का है और इस इलाके में हिंदू वोटरों की संख्या काफी है। लिहाजा भाजपा जो राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ती आई है, इस सीट पर जोखिम उठाना नहीं चाहती है। टिकट के लिए पेंच भाजपा के दिग्गज अमित तनेजा व सर्बजीत सिंह मक्कड़ के बीच फंसा है। पार्टी ने अगर अपने राष्ट्रवाद व हिंदुत्व के एजेंडे पर अपना रास्ता बनाये रखा तो सीट तनेजा को दी जा सकती है। तनेजा के पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरूण चुघ पूरी ताकत लगा रहे हैं।
जालंधर के पूर्व डिवीजनल कमिशनर रिटायर आईएएस अधिकारी एसआर लद्दड़ को भी पार्टी ने टिकट दिया है। लद्दड़ को गिल से टिकट दिया गया है। गिल आरक्षित सीट है और लद्दड़ पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
चंद दिन पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाली निमिषा मेहता को भी पार्टी ने गढ़शंकर से टिकट दिया है। निमिषा पूर्व में पत्रकार थी और बाद में कांग्रेस की सदस्यता हासिल कर पार्टी की प्रवक्ता रही। लेकिन पार्टी ने गढ़शंकर से उसको टिकट नहीं दिया तो निमिषा ने भाजपा की सदस्यता ली थी।