सिमरनजीत सिंह पंजाब में अपने रिश्तेदार के घर रहते और वहीं से हॉकी का प्रशिक्षण भी लेते। इसलिए गांव चाहलकलां में भी खुशी का माहौल है। गांव में सिमरनजीत सिंह के ताया का परिवार रहता है। ताया के बेटे सतिंदर सिंह व उनके परिजनों ने खुशी जाहिर की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भारतीय हॉकी टीम की जीत की खुशी का जश्न भी मनाया। लोग भी भारतीय हॉकी टीम को गोल्ड मेडल जीतने के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।
सिमरनजीत सिंह की उपलब्धियां
सिमरनजीत ने खेल में अपने लगातार प्रयास से जूनियर से सीनियर स्तर की सीढ़ी चढ़ी है। वह लखनऊ में आयोजित 2016 पुरुष हॉकी जूनियर वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। सिमरनजीत भारत की ए टीम का भी हिस्सा थे, जो सितंबर 2018 में ऑस्ट्रेलियाई हॉकी लीग में खेली थी।
इसके बाद युवा मिड फील्डर को भारतीय टीम में भी शामिल किया गया था, जिसने 2018 में नीदरलैंड के ब्रेडा में आयोजित हॉकी चैंपियंस ट्राफी में भाग लिया था। फाइनल में पेनल्टी में ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारत ने रजत पदक जीता। इसके अलावा वर्ष 2018 में भुवनेश्वर में सीनियर वर्ल्ड कप में भाग लिया और अब उन्हें टोक्यो ओलंपिक में खेलने का मौका मिला है।