शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), दल खालसा, आम आदमी पार्टी और समूह सिख
जत्थेबंदियों ने शुक्रवार को गुरुद्वारा सिंह सभा से जिला प्रशासकीय परिसर
तक रोष मार्च निकाला। बाद में डीएसी पर धरना दिया गया। शाम को धरनाकारियों
ने कर्मचारियों को डीएसी से बाहर नहीं निकलने दिया जिसके बाद स्थिति
तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के समझाने पर भी जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो पुलिस
ने उन्हें जबरदस्ती गेट से हटाकर गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शनकारी खालसा के
संघर्ष में शामिल होने वालों की रिहाई और उन पर गैरकानूनी ढंग से किए जा
रहे अत्याचारों पर विरोध जता रहे थे।
नेताओं ने कहा कि खालसा प्रदेश
की विभिन्न जेलों में सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई के लिए भूख
हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी हिमायत के लिए पहुंचे पंजाबियों पर पुलिस द्वारा
किए गए जुल्म निंदनीय है। इस अवसर पर यामिनी गोमर, वीरइंद्र सिंह परहार,
सुरजीत सिंह सैनी, जै गोपाल धीमान अध्यक्ष सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी, कृपाल
सिंह, चरनजीत सिंह, गुरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, चरनदीप सिंह, कमलजीत सिंह
भूपा, सरपंच लखबीर सिंह पट्टी और गुरदीप सिंह गढ़दीवाला आदि उपस्थित थे।
देर
शाम स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब धरनाकारियों ने मिन्नी सचिवालय के
गेट के सामने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर किसी भी कर्मचारी को
सचिवालय से बाहर नहीं जाने दिया। पुलिस ने समझाया, लेकिन प्रदर्शनकारी अड़
गए। इस पर पुलिस ने एसपी (डी) बलजीत सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में
धरनाकारियों को गेट से परे किया और उनको गिरफ्तार करके ले गई। गिरफ्तार
लोगों में गुरदीप सिंह, डॉ. रवजोत सिंह, गुरदीप सिंह कालकट, गुरनाम सिंह
सिंगड़ीवाला अध्यक्ष यूथ अकाली दल (अ), एडवोकेट नवीन जैरथ, सुरजीत सिंह
दुबई, लखविंदर सिंह पंडोरी और ओम सिंह सटियाणा सहित करीब 60-70 नेता शामिल
हैं।