आरोपियों के बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
जालंधर कमिश्नरेट की सीआईए स्टाफ पुलिस ने विदेशों में बसे पंजाबियों को फर्जी आईडी बनाकर रिश्ते करवाने का झांसा देकर पैसे ठगने वाले गिरोह के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 7 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 2 मोबाइल फोन, 4 आईपी फोन और 16500 रुपये की नकदी बरामद हुई है। पुलिस कमिश्नर जालंधर कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि सीआईए स्टाफ की इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह की अगुवाई में गश्त और नाकाबंदी के दौरान सतलुज चौक जालंधर मौजूद थी।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि रोहित निवासी न्यू अमरीक नगर जालंधर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर छिन्नमस्तिका बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर एनआरआई मैरिज सर्विसेज के नाम से ऑफिस चला रहे हैं। गिरोह वर्चुअल फोन नंबर डालकर फर्जी प्रोफाइल्स बनाकर विदेशों में बैठे पंजाबियों को रिश्ता करवाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करते हैं जिसके लिए गिरोह ने दो अलग नाम से वेबसाइट भी बना रखीं हैं। गिरोह इस काम के लिए लैंडलाइन फोन, कंप्यूटर, मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। जिस पर पुलिस ने जांच के बाद 420, 120-बी और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर साइबर सेल और सब स्टैंड चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में एनआरआई मैरिज सर्विसेज के ऑफिस पर रेड कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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ऐसे करते थे ठगी
कमिश्नर ने बताया कि आरोपी आनंद (29) से पूछताछ में पता चला कि उसने एमएससी आईटी की हुई है। उसने 2020 में अपने दोस्त रोहित संग मिलकर मैरिज ब्यूरो खोला था। विदेशों में बैठे लोग अखबारों और आनलाइन साइटों पर विवाह संबंधी दिये इश्तिहार में उनके फोन नंबर निकाल कर अपने वर्चुअल नंबर से फोन करते थे और जिस देश में फोन करते थे वहां का लोकल नंबर शो होता था। इसके बाद मैट्रीमोनियल साइट से डाटा निकालकर उसी प्रोफाइल को थोड़ा बदलकर अपनी एप्लिकेशन से नकली प्रोफाइल भेज देते थे। इसके बाद आवेदकों की अपना आवेदन एनआरआई मैरिज सर्विसेज पर रजिस्टर करवा कर डॉलरों में फीस लेते थे। पैसे मिलने के बाद आवेदकों का फोन ना उठाना और उनसे किसी तरह का भी संपर्क रखना बंद कर देते थे।
जांच में पता चला कि गिरोह ने 2020 से अबतक एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी मारी है। आरोपी रोहित ने पूछताछ में बताया कि उसने एमए इकोनॉमिक्स की है। उसने ही वेबसाइट डिजाइन की है। पड़ोसी आनंद के साथ मिलकर पार्टनरशिप में ठगी मारने का धंधा शुरू किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर पहले कोई केस दर्ज नहीं हैं क्योंकि विदेशों में बैठे लोगों ने कभी कोई शिकायत नहीं दी। आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड लिया है, जिनसे इनके साथियों और अबतक कितने लोगों से ठगी मारी है और वह किन-किन देशों में बैठे हैं उसकी जानकारी निकाली जाएगी।