पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी को बड़ी राहत देते हुए उनका सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही गुलाटी की अर्जी पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।
हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए मनीषा गुलाटी ने कहा कि उनकी एक्सटेंशन समाप्त करने के फैसले को सही करार देने के सिंगल बेंच के फैसले को उन्होंने खंडपीठ में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी है। इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसी दौरान पंजाब सरकार ने मनीषा गुलाटी को 13 जुलाई को पत्र लिख कहा कि सेक्टर 39 का सरकारी आवास जो उन्हें बतौर चेयरपर्सन अलॉट किया गया था, वह उसे खाली करना होगा, क्योंकि अब वह पद पर नहीं हैं।
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याची ने बताया कि उन्हें पद से हटाने के सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ उन्होंने डबल बेंच में अपील दाखिल कर दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया था। यह याचिका अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है इसलिए फिलहाल उनके सरकारी आवास को खाली करवाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। सोमवार को हाईकोर्ट ने उनके मकान खाली करने के आदेश पर रोक लगाते हुए, पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।