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शिक्षा क्षेत्र की घोषणाओं को अमलीजामा पहनाना चुनौती : शिक्षाविद बोले, घोषणाएं पूरी न हुईं तो छात्रों और शिक्षण संस्थानों का होगा नुकसान

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जालंधर। पंजाब में आप की सरकार बनने के लगभग 100 दिन बाद पंजाब विधानसभा में वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने अपना पहला बजट पेश किया। इस 1.55 लाख करोड़ के बजट में सेहत और शिक्षा को लेकर कईं घोषणाएं की गईं। इन घोषणाओं को अमलीजामा पहनाना सरकार के लिए चुनौती साबित होने वाला है। शिक्षाविदों का कहना है कि यदि घोषणाएं पूरी न हुईं तो छात्रों और शिक्षण संस्थानों का नुकसान होगा।
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घोषणाओं में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए 67 करोड़ रुपये व प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए 79 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बजट में जनरल कैटेगिरी के बच्चों के लिए सीएम स्कॉलरशिप शुरू की गई है, जिसके लिए 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह रकम प्राप्त अंकों के आधार पर दी जाएगी।
सरकार ने यह घोषणा तो कर दी, लेकिन स्कॉलरशिप को लेकर पहले ही छात्रों, कॉलेजों व सरकार के बीच 36 का आंकड़ा रहा है। अब एससी, बीसी के बाद जरनल कैटेगिरी को स्कालरशिप देना सरकार, छात्रों व कॉलेजों के लिए परेशानी का सबब न बन जाए। सरकार की स्कॉलरशिप की घोषणा पर कुछ कॉलेज प्रिंसिपल से बात की गईं।
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पहले ही बकाया हैं स्कॉलरशिप के करोड़ों रुपये : समरा
लायलपुर खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल गुरपिंदर सिंह समरा का कहना है कि कॉलेजों को मिलने वाली स्कॉलरशिप के करोड़ों रुपये पहले ही बकाया हैं। सरकार की तरफ से स्कॉलरशिप के पैसे आते नहीं हैं, जिसका खामियाजा छात्रों व कॉलेजों को भुगतना पड़ता है। अब जरनल कैटेगिरी के लिए भी स्कॉलरशिप की घोषणा कर दी गई है। कॉलेजों को जो जरनल कैटेगिरी से फीस के रूप में पैसा आता है, वह भी बंद हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि अगर कोई घोषणा करनी है तो ग्राउंड लेवल पर आकर करे।
कदम अच्छा, लेकिन एससी और बीसी स्कॉलरशिप जैसा न हो हश्र : अजय सरीन
एचएमवी कॉलेज की प्रिंसिपल अजय सरीन का कहना है कि जरनल कैटेगिरी को स्कॉलरशिप देना बढ़िया कदम है, बस इतना ख्याल रखना होगा कि इसका हश्र भी एससी, बीसी स्कालरशिप जैसा न हो। स्कालरशिप के पैसे के लिए एससी और बीसी की तरह जरनल कैटेगिरी को भी परेशान न होना पड़े। सरकार को इस योजना को लागू करने से पहले स्कूल कॉलेजों के शिक्षाविदों, शिक्षा क्षेत्र के जानकारों के साथ बैठक करनी चाहिए।
टेक्निकल एजुकेशन के लिए प्रयास अच्छा, आगे भी प्रयासरत रहें : डॉ. जगरूप सिंह
टेक्निकल एजुकेशन में 45 प्रतिशत बढ़ावा किए जाने पर मेहरचंद पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह का कहना है कि यह प्रयास अच्छा है। यह प्रयास तभी सफल रहेगा जब सरकार टेक्निकल एजुकेशन के लिए आगे भी प्रयासरत रहे। दरअसल बजट में घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन उन घोषणाओं पर अमल नहीं होता। सरकार बजट में किए वादे पूरे करती है तो यकीनन इससे छात्रों को फायदा होगा।
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